धर्म

Pitru Paksha 2021 Dates: पितृ पक्ष वर्ष 2021 में कब से आरंभ होंगे

पितृ पक्ष 2021 में कब हैं? (Pitru Paksha 2021 Start Date) : पंचांग के अनुसार पितृ पक्ष 20 सितंबर 2021, सोमवार को भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि से आरंभ होंगे. पितृ पक्ष का समापन 6 अक्टूबर 2021, बुधवार को आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को होगा. इस दिन को आश्विन अमावस्या, बड़मावस और दर्श अमावस्या भी कहा जाता है. वर्ष 2021 में 26 सितंबर को श्राद्ध की तिथि नहीं है.

चलिए पहले जान लें, श्राद्ध का अर्थ क्या हैं?

श्राद्ध का मतलब किसी के भी प्रति श्रद्धा का भाव। इसलिए मृत हुतआत्माओं का श्राद्ध किया जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार माता पार्वती और शिव को श्रद्धा विश्वास रुपिणौ है। पितृ पक्ष इसलिए मनाया जाता है ताकि हम अपने पितरों के प्रति श्रद्धा को उजागर कर सकें।

इंसानी शरीर में तीन स्तर होते हैं। जो शरीर दिखाई देता है वह दृश्यमान है। शरीर के भीतर सूक्ष्म शरीर है, जिसमें पांच कर्मेंद्रियां, पांच ज्ञानेंद्रियां, पंच प्राण (प्राण, अपान, व्यान, उदान समान), पंचमहाभूत (पृथ्वी, जल, अग्नि, आकाश, वायु) अपंचीकृत रूप, अंत:करण चतुष्टय (मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार), अविद्या, काम और कर्म होते हैं।

कोरोना का पहरा, घर पर ही करें श्राद्ध ओर तर्पण

  • श्राद्ध तिथि के दिन सूर्योदय होने से पहले स्नान करें। श्राद्ध क्रिया करने के पूर्व मुंह जूठा ना करें। चाय तक ना पीएं, बीमार व्यक्ति चाय ले सकता है।
  • श्राद्ध करने का सही समय दोपहर 12 बजे माना गया है।
  • दक्षिण दिशा की ओर मुंह और बाएं पैर को मोड़कर कर्म क्रिया करना चाहिए।
  • तांबे के पात्र यानी बर्तन में जौ, तिल, चावल गाय का कच्चा दूध, गंगाजल, सफेद फूल और पानी डालें।
  • जिसके बाद हाथों में कुशा यानी हरी घास रखें। जिसके बाद दोनों हाथों में जल भरकर सीधेहाथ के अंगूठे से उसी बर्तन में गिराएं।
  • इस प्रकार जल देने की क्रिया को 11 बार करना चाहिए। जल देते समय पितरों का मनन करें, यानी उन्हें याद करें।
  • पितरों को अर्पण किया जाने वाला भोजन शुद्ध महिलाओं से बनाएं, अर्थात मासिक धर्म के दौर से गुजर रही महिलाओं से प्रसाद सामग्री ना बनवाएं।
  • पितरों को दिए जाने वाले भोजन में चूले या आग पर खीर बनवाएं। बने हुए भोजन को पंचबलि यानी की देवता, श्वान यानी कुत्ता, चींटी, कौएं के लिए अलग से भोजन निकाल दें।
  • बनें हुए प्रसाद या भोजन खाने के लिए ब्राह्मण को आमंत्रित करें। श्रद्धा के अनुसार दक्षिणा और अन्य सामग्री दान करें।

श्राद्ध यानी पितृ यज्ञ के 16 दिन

अर्थ वेद में उल्लेख है कि सूर्य के कन्या राशि में पहुंचने पर पितरों का तर्पण करने से पितृों को स्वर्ग में स्थान मिलता है। याज्ञवल्क्य स्मृति और यम स्मृति में भी उल्लेख है कि श्राद्ध के 16 दिनों में पूजन करने से पितृों को मोक्ष प्राप्त होता है। ग्रंथों में लिखा गया है कि श्राद्ध के दौरान पितृ वंशजों को देखने आते हैं। इस दौरान कई बार स्वप्न भी देखने को मिलते हैं।

किसको श्राद्ध करने का अधिकार

चलिए अब जान लेते हैं श्राद्ध करने का अधिकार किसे है। यदि किसी का पुत्र ना हो तो भाई-भतीजे, माता के कुल के मामा, मुंह बोला भाई या शिष्य श्राद्ध पूजन कर सकता हैं। पिता के लिए पिण्ड दान और जल-तर्पण पुत्र को करना चाहिए पुत्र न हो तो पत्नी और पत्नी न हो तो सगा भाई भी श्राद्ध कर्म कर सकता है। दामाद और ससुर भी एक दूसरे के लिए कर सकते हैं। बहु सास को पिण्ड दान कर सकती है।

पितृ पक्ष 2021 में श्राद्ध की तिथियां (2021 Pitru Paksha Shraddha Dates)

  • 20 सितंबर 2021, सोमवार: पूर्णिमा श्राद्ध
  • 21 सितंबर 2021, मंगलवार: प्रतिपदा श्राद्ध
  • 22 सितंबर 2021, बुधवार: द्वितीया श्राद्ध
  • 23 सितंबर 2021, बृहस्पतिवार: तृतीया श्राद्ध
  • 24 सितंबर 2021, शुक्रवार: चतुर्थी श्राद्ध
  • 25 सितंबर 2021, शनिवार: पंचमी श्राद्ध
  • 27 सितंबर 2021, सोमवार: षष्ठी श्राद्ध
  • 28 सितंबर 2021, मंगलवार: सप्तमी श्राद्ध
  • 29 सितंबर 2021, बुधवार: अष्टमी श्राद्ध
  • 30 सितंबर 2021, बृहस्पतिवार:  नवमी श्राद्ध
  • 1 अक्तूबर 2021, शुक्रवार: दशमी श्राद्ध
  • 2 अक्तूबर 2021, शनिवार: एकादशी श्राद्ध
  • 3 अक्तूबर 2021, रविवार: द्वादशी, सन्यासियों का श्राद्ध, मघा श्राद्ध
  • 4 अक्तूबर 2021, सोमवार: त्रयोदशी श्राद्ध
  • 5 अक्तूबर 2021, मंगलवार: चतुर्दशी श्राद्ध
  • 6 अक्तूबर 2021, बुधवार: अमावस्या श्राद्ध

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Manisha Palai

भुवनेश्वर, उड़िसा की रहने वाली मनीषा फिलहाल MCA की पढ़ाई कर रही हैं. फैशन, कुकिंग और मेकअप टिप्स के बारे में मनीषा को महारथ हासिल है. लिखने के शौक को उड़ान देने के लिए मनीषा newsmug.in के साथ जुड़ी हैं.

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