नर्स मुदगली तिर्की छत्तीसगढ़ के घने जंगल को पार कर पहुंचती हैं सूर गांव

 नर्स मुदगली तिर्की छत्तीसगढ़ के घने जंगल को पार कर पहुंचती हैं सूर गांव

नर्स मुगदली.

  • मदद के लिए पार करती हैं जंगली जानवरों से भरा रास्ता.
  • छत्तीसगढ़ के गांव में लोगो को मुफ्त देती हैं.
  • सूर गांव तक पहुंचना खतरे से खाली नहीं है.

छत्तीसगढ़. उम्र 55 साल. नाम मुदगली तिर्की. काम स्वास्थ्य सेवा. बीते एक दशक से छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में सेवा दे रही है. जिले के सूर गांव के लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवा तिर्की देती है.

खास बात यह है कि,कोरोना संक्रमण के दौर में जहां लोग एक दूसरे से दूरी बना रहे हैं. मुदगली वहीं दुर्गम और जंगली जानवरों से भरे जंगल को पार कर ग्रामीणों का उपचार करती है. तिर्की सप्ताह में दो दिन सूर गांव जाती है.

घने जंगलों के बीच बसा सूर गांव तक पहुंचना खतरे से खाली नहीं है. बावजूद मुदगली जान की बाजी को दाव पर लगाकर ग्रामीणों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहती है.

प्रयास रहता है कि, ग्रामीण किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य सेवा से वंचित ना हो सके. अखबारों को दिए गए इंटरव्यू में मुदगली ने बताया कि, जंगल पार कर सूर गांव पहुंचना मेरे लिए बहुत मुश्किल होता है.

मदद के लिए पुरुष कर्मचारियों से कहती हूं. सूर गांव के ग्रामीण मुदगली की तारीफ करने से नहीं थकते. ग्रामीणों का तर्क है कि, मुदगली कई सामान बिना मांगे ही गांव वालों तक पहुंचा देती है.

मुगदली सूर गांव के बच्चों के लिए दलिया और सूजी पहुंचाती है. यदि कोई बीमार है तो दवा की मदद भी भेजी जाती है. बीमार को अस्पताल तक ले जाना मुदगली की जिम्मेदारी है. कोरोना काल में भी मुदगली ने सूर गांव में सेवाएं दी है. गांव की 70 प्रतिशत महिलाओं की डिलिवरी इनके हाथों हुई है.

nurse-mudgali-arrives-crossing-surs-dense-forest-of-tirkey-chhattisgarh
नर्स मुगदली.

KAMLESH VERMA

http://newsmug.in

Related post