अशासकीय शाला नागदा संचालकों ने धरने की दी चेतावनी

 अशासकीय शाला नागदा संचालकों ने धरने की दी चेतावनी

तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते स्कूल संचालक।

नागदा। शिक्षा विभाग के अन्यायपूर्ण रवैये से आक्रोशित अशासकीय शाला संचालक नागदा ने अनिश्चित कालीन धरने की चेतावनी दी है। मामले को लेकर संचालकों ने शनिवार दोपहर विधायक दिलीपसिंह गुर्जर और तहसीलदार आर.के. गुहा को एक डीपीसी उज्जैन के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

जिसमें बताया कि प्रशासन और शिक्षा विभाग लगातार प्राइवेट स्कूलों के साथ अन्यायपूर्ण रवैया अपना रहा है। आर. टी. ई. के नियमानुसार एक वर्ष का शिक्षण सत्र पूरा होने के बाद प्राइवेट स्कूलों को फीस का भुगतान नहीं किया गया है।

जबकि अन्य प्रदेश के अन्य जिले में शासन द्वारा समय पर फीस का भुगतान किया जाता है। लेकिन उज्जैन जिले को अभी तक बजट प्रदान नहीं दिया गया है। संगठन पदाधिकारी डी.के. चौधरी ने बताया कि ज्ञापन देकर चेतावनी दी है कि, यदि दो दिनों में आर.टी.ई. के अंतर्गत सत्र 2018-19 की फिस प्रतिपूर्ति और अतिशीघ्र सत्र 2019-20 की छात्रों का सत्यापन कर फाइल लॉक करने की प्रक्रिया पोर्टल पर प्रांरभ नहीं की गई तो अशासकीय शाला संचालक डीपीसी कार्यालय परिसर उज्जैन में अनिश्चित कालीन धरने पर बैठेंगे।

इस मौके पर सर्वेशसिंह कुशवाह, नरेंद्रसिंह गौतम, शैलेंद्र त्रिवेदी, गणेश पाटीदार, आजाद खान, नारायण धाकड़, हरेंद्रसिंह देवड़ा, कमल शर्मा, विकास शर्मा, ईश्वरलाल शर्मा, मोनू प्रधान, दिलीप आंजना आदि उपस्थित थे।

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तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते स्कूल संचालक।

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KAMLESH VERMA

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