नवरात्रि में नहीं खनकेगे डाड़िए, कोरोना प्रोटोकाल के तहत स्थापित होगी माता प्रतिमाएं

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Nagda News : नवरात्रि में नहीं खनकेगे डाड़िए, कोरोना प्रोटोकाल के तहत स्थापित होगी माता प्रतिमाएं । Nagda News: Mother statues will be installed under the Corona Protocol

Nagda News :  माता पंडालों में इस बार भी डाड़ियों की गूंज नहीं सुनाई देगी। कारण वैश्विक महामारी कोरोना पर काबू पाना है। दरअसल आने वाले त्योहारों को लेकर मंडी थाना परिसर में सोमवार शाम करीब 4 बजे शांति समिति की बैठक आहुत की गई। जिसमें नवरात्रि और दशहरा पर्व को लेकर दिशा निर्देश जारी किए गए।

बैठक में एसडीएम आसुतोषा गोस्वामी, सीएसपी मनोजरत्नाकर, मंडी टीआई श्यामचंद्र शर्मा समेत अन्य विभागों के प्रशासनिक अफसर मौजूद रहे। बैठक में बताया गया कि, आयोजकों द्वारा माता प्रतिमाएं तो स्थापित कर सकते हैं, लेकिन गरबा नहीं करवा सकेंगे। आयोजकों को माता पंडालाें में आवश्यक रूप से एक वॉलेटियर को नियुक्त करना होगा। जिसे कोरोना गाइडलाइन का पालन करना होगा।

वहीं पुलिस बल को रात्रि गश्त के दौरान इस बात के लिए आश्वस्त करना होगा कि, पंडाल में कोरोना गाईडलाइन का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। प्रशासन की ओर से रावण दहन की अनुमति दे दी गई। पूर्वानुसार आयोजकों द्वारा दशहरे का आयोजन किया जाएगा, लेकिन जुलूस और रेलियों की अनुमति नहीं दी गई।

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शारदीय नवरात्रि 2021 में 7 अक्टूबर, गुरुवार से शुरू होकर 15 अक्टूबर 2021 को समाप्त होगी. साल 2021 में देव उठनी एकादशी 15 नवंबर, 2021 सोमवार की है. माता भक्तों को इस बार चामुंडा माता के दर्शन शायद ही हो सकेंगे। कारण चंबल नदी तट स्थित चामुंडा माता मंदिर के ओटले से बारिश का पानी होकर गुजर रहा है, मंदिर

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पुजारी की मानें तो आगामी 7 अक्टूबर तक बमुश्किल ही ओटले से पानी नीचे उतर सकेगा। हालांकि राहत की बात यह है कि, बारिश का पानी माता मंदिर के छोटे पुलिया से उतर गया है। मंदिर पुजारी द्वारा माता भक्तों के दर्शन के लिए छोटे पुलिया पर चामुंडा माता की प्रतिकात्मक तस्वीर रखी गई है।

मखमली लाल साड़ी में आ रही मां अंबे

बीते 30 सालों से मूर्ति व्यवसाय से जुड़े मुकेश प्रजापति बताते है कि, बीते साल की तरह भी इस साल भी मंडलों द्वारा मुर्ति स्थापना को लेकर कम रुचि दिखाई गई। मुकेश के पास पांच से सात फीट की बड़ी प्रतिमाओं के 40 ऑर्डर है, वह भी ग्रामीण क्षेत्रों से। दूसरी ओर मुकेश बताते है कि, इस बात अंबे माता के स्वरूप में माता प्रतिमाएं बनाई गई है। जिसकी खासियत मखमली लाल रंग की साड़ी है। मंडल आयोजकों द्वारा प्रतिमाओं का आकृर्षक श्रृंगार करवाया गया है।

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