विवाह समारोह को लेकर नई गाइड लाइन जारी हाेने से परेशानी हुई खड़ी

 विवाह समारोह को लेकर नई गाइड लाइन जारी हाेने से परेशानी हुई खड़ी

प्रतिकात्मक तस्वीर सोर्स गूगल

500 की संख्या में 200 मेहमान आमंत्रण करने के आदेश जारी

नागदा। कोरोना को लेकर राज्य शासन द्वारा विवाह समारोह को लेकर शनिवार को जारी की गई  गाइड लाइन के बाद आगामी दिनों में होने वाले विवाह समारोह के आयोजनकर्ता के समक्ष परेशानी उत्पन्न हो गई है। राज्य शासन द्वारा उक्त आदेश को लेकर कई लोगों में आक्रोश है। चूंकि शासन का आदेश उस समय आया जब विवाह समारोह के आयोजन प्रारंभ हो गए और आयोजनकर्ताओं द्वारा तैयारी पूर्ण कर ली गई है। गौरलतब है कि देव उठनी ग्यारस 25 नंवबर के बाद से शहर में विवाह समारोह की धूम मचेगी।

देव उठनी ग्यारस का मुहूर्त विवाह समारोह के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन आगामी 20 दिन यानी 15 दिसंबर तक लगातार विवाह समारोह है। इन में मुख्य रुप से नवंबर में 24, 25, 26, 30 दिसंबर 07, 08, 10, 11 व 12 की तिथि है। लेकिन शासन द्वारा विवाह समारोह को लेकर नई गाइड लाइन जारी करने से विवाह समारोह करने वाले परिवार के समक्ष यह समस्या उत्पन्न हो गई है कि वह क्या करें। एक आंकडे़ के मुतािबक 24 से 15 दिसंबर तक शहर में 100 से अधिक विवाह समारोह है।

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प्रतिकात्मक तस्वीर सोर्स गूगल

क्यों आई परेशानी

पूर्व में मार्च माह में राज्य शासन ने कोरोनो के चलते विवाह समारोह के आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया था। लेिकन मई माह में समारोह में दोनों पक्ष की और से 5-5 लोगों के आयोजन में शािमल होने की अनुमति प्रदान की गई थी। जून माह में यह संख्या 50-50 कर दी गई थी। इस कारण कई परिवार द्वारा विवाह समारोह स्थगित कर दिए गए थे।

उस समय लोगों का कहना था कि देव उठनी ग्यारस के मुहूर्त में विवाह किए जाएगा। राज्य शासन ने अगस्त में उक्त समारोह में शािमल होने की संख्या 500 कर दी थी। जिसके चलते देव उठनी ग्यारस के मुहुर्त में विवाह करने की तैयारी पूरी कर ली गई थी और गार्डन, हलवाई, टेंट, साउंड बुक कर लिए थे।

यहां तक पत्रिका भी वितरण कर दी गई। लेिकन शनिवार को नई गाइड लाइन जारी कर दी गई। जिसके चलते अब यह परेशानी उत्पन्न हो गई कि तैयारी 500 मेहमान के अनुसार हुई थी, लेिकन अनुमति महज 200 लोगों की है। इसी प्रकार शासन ने विवाह समारोह में डीजे पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। जबकि विवाह समारोह परिवार द्वारा डीजे संचालकों को एडवास में राशि जमा कर दी गई है।

यह भी उत्पन्न हो गई समस्या

जब देश में लॉकडाउन प्रारंभ हुआ था। उस समय बड़ी संख्या में शहर से मामा (आदिवासी परिवार) अपने गृह नगर झाबुआ, अलिराजपुर जिले में चले गए थे। शहर में लगभग 500 से अधिक आदिवासी परिवार निवास करते है। इन लोगों का मुख्य व्यवसाय विवाह समारोह में कार्य करने का है। लेिकन वर्तमान में ट्रेन नहीं चलने से अभी तक यह लोग नागदा शहर में वापस नहीं आए है।

KAMLESH VERMA

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