ग्रेसिम उद्योग नागदा के बेरोजगार श्रमिकों का मामला सीएम की चौखट पर लेकर जाएंगे पर्यावरण मंत्री

 ग्रेसिम उद्योग नागदा के बेरोजगार श्रमिकों का मामला सीएम की चौखट पर लेकर जाएंगे पर्यावरण मंत्री

ग्राफिक डिजाइन कमलेश वर्मा

  • ग्रेसिम उद्योग के बेरोजगार श्रमिकों का मामला सीएम की चौखट पर लेकर जाएंगे पर्यावरण मंत्री
  • स्थानीय उद्योग के फैल रहे प्रदूषण की जांच करेगी मप्र सरकार

रविंद्रसिंह रघुवंशी / नागदा

औद्योगिक शहर नागदा में स्थानीय उद्योग से फैल रहे प्रदूषण की जांच अब प्रदेश की नई सरकार पुन: करेगी। मप्र शासन के मंत्री स्वयंम नागदा आकर नदी किनारे बसे गांव के लोगों से चर्चा करेगें। विशेषकर चंबल नदी में मिल रहे जहरीले व रसायनुक्त पानी को लेकर जांच की जाएगी, यह बात मप्र शासन के पर्यावरण मंत्री हरदीपसिंह डंग ने मंगलवार को नागदा में प्रेस वार्ता में कही।

मंत्री ने कहा मुझे शिकायत मिली है प्रदेश में कई स्थानों पर प्रदूषण अधिक हो रहा है। नागदा के उद्योगों की भी शिकायत मिली है, जिसको लेकर सोमवार को ही अधिकािरयों निर्देश दिए है कि इस पर गंभीरता से जांच की जाए। मंत्री ने यह भी कहा कि गत 08 माह से बेरोजगार बैठे ग्रेसिम उद्योग के हजारों ठेका श्रमिकों का मामला भी मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के समक्ष रख उन को इंसाफ दिलाया जाएगा।

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ग्राफिक डिजाइन कमलेश वर्मा

नागदा को जिला बनाने की बात पर मंत्री डंग ने कहा इस मांग को नागदा के भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल साथ में मुख्यमंत्री चौहान से मिलूंगा। गौरतलब है कि डंग मंगलवार को नागदा में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ तेजबहादुरसिंह चौहान का स्वागत करने व उनका आभार प्रकट करने उनके निवास स्थान पर आए थे।

चूंकि भाजपा ने डॉ चौहान को सुवासरा विधानसभा का प्रभारी बनाया था। डंग सुवासरा सीट पर 2018 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे। लेकिन मार्च 2020 में कांग्रेस पार्टी छोड़ भाजपा में शािमल हो गए थे। उसके बाद उनको भाजपा ने मंत्री बनाया था। पार्टी बदलने के चलते सुवासरा सीट पर उपचुनाव हुआ।

मंत्री के आगमन पर भाजपा के स्थानीय नेताओं ने भी उनका स्वागत किया। कार्यकर्ताओं काे संबोधित करते हुए डंग ने कहा कि भाजपा द्वारा विशषेकर डॉ चौहान द्वारा चुनाव में जो मेहनत कि गई उसका ही नतीजा है कि में 30 हजार से अधिक वोट से चुनाव जीत पाया। मंत्री ने कहा कि भाजपा में संगठन व पूरी टीम कार्य करती है जबकि कांग्रेस पर स्वयंम नेता व उम्मीदवार को टीम बनाकर कार्य करना पड़ता है।

पूर्व में कई बार हो चुकी है जांच

पर्यावरण जिस उद्योग के पर्यावरण की जांच करने का कह रहे है उस उद्योग के खिलाफ पूर्व में कई बार जांच हो चुकी है। जिले से लेकर केंद्र की टीम ने कई बार नागदा व उसके आसपास के गांव में पहुंचकर जांच की, जांच टीम ने भी यह स्वीकार किया की यहां पर स्थानीय उद्योग का प्रदूषण अधिक है, लेिकन जांच दल के जाने के बाद रिपोर्ट का भी खुलासा आज तक नहीं हुआ। तीन वर्ष पूर्व मप्र शासन के तात्कालीन पर्यवारण मंत्री आर्य ने नागदा में पहुंचकर प्रदूषण की जांच की थी। उसकी भी रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं हुई है। अब देखना है कि नए मंत्री डंग क्या करते है।

यह थे मौजूद

डंग के स्वागत समारोह में मप्र शासन में पूर्व केबिनेट का दर्जा प्राप्त सुल्तानसिंह शेखावत, पूर्व विधायक दिलीपसिंह शेखावत, लालसिंह राणावत, पूर्व नपा अध्यक्ष अशोक मालवीय भाजपा मंडल सीएम अतुल, ग्रामीण भाजपा मंडल अध्यक्ष संदीप व्यास, पूर्व अध्यक्ष राजेश धाकड़, श्रमिक नेता जोधसिंह राठौर आदि मंचासीन थे। संचालन युवा नेता नरेंद्र प्रतापसिंह चौहान ने किया। आभार पूर्व पार्षद अनिल जोशी ने माना।

KAMLESH VERMA

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