नागदा नगर पालिका ने बाजार बैठक वसूली का ठेका निजी हाथों में सौंपा, कांग्रेसजनों ने विरोध जताया

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नागदा. नगर पालिका नागदा द्वारा बाजार बैठक वसूली का ठेका निजी हाथों में सौंप दिया गया है. ठेका भाजपा समर्थक व्यक्ति को दिए जाने से कांग्रेसजनों में रोष व्याप्त है.

मामले को लेकर जिला कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष सुबोध स्वामी ने विरोध जताया है. स्वामी का तर्क है कि, गरीब लोगों द्वारा बाजार में छोटी-मोटी दुकानें लगाकर घर चलाया जाता है.

वसूली कार्य निजी हाथों में चले जाने से ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा दुकानदारों से अवैध रुप से वसूली की जा रही है. पूर्व में नपा द्वारा बैठक शुल्क 5 रुपए लिया जाता था.

निजी ठेकेदार के कर्मचारी अवैध वसूली करते हुए 10 से 15 रुपए की मांग कर रहे हैं. मामले को लेकर स्वामी ने एक प्रेस बयान जारी किया है.

जिसमें उल्लेख किया है कि, निजी ठेकेदार जो भाजपा नेता है. उन्होंने बाजार बैठक के लिए वसूले जाने वाले शुल्क में 50 प्रतिशत तक की बढोत्तरी कर दी है.

कोराेना महामारी से गरीब वर्ग प्रभावित

स्वामी ने प्रेस रिलिज में यह भी कहा है कि, कोरोना महामारी की मार से सबसे ज्यादा यदि कोई प्रवाहित हुआ है, तो वह गरीब, मध्यमवर्गीय तबका जो अपना छोटा-मोटा व्यवसाय कर रोज कमाकर अपने परिवार का भरण पोषण करते है.

भाजपा नेताओं के लिए कोरोना महामारी का दौर कमाई का अवसर लेकर आया है. यहीं कारण है कि नगर पालिका की बाजार वसुली का ठेका भाजपा नेताओं द्वारा लेकर गरीबों का खुलेआम शोषण किया जा रहा है.

भाजपा नेताओं द्वारा कांग्रेस के 15 माह के शासन काल में सीएसपी व एसडीएम कार्यालय घेराव कर शहर में चल रहे अवैध सट्टा, जुआ, शराब को बंद करने की मांग किया करते थे.

आज वहीं नेता खुलेआम सट्टा, जुआ व शराब की ब्रिकी करवा रहे हैं. सत्ता पक्ष के दबाव में पुलिस प्रशासन भी अनैतिक धंधों पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहा हैं.

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