ग्रेसिम ठेका श्रमिकों के हित में स्वैच्छिक बंद रहा नागदा

 ग्रेसिम ठेका श्रमिकों के हित में स्वैच्छिक बंद रहा नागदा

स्वैच्छिक बंद के दौरान इस प्रकार बंद रही शहर की दुकानें।

नागदा। ग्रेसिम उद्योग नागदा के 3500 ठेका श्रमिकों को दोबारा कार्य पर बुलाए जाने के लिए बुधवार को स्वैच्छिक नागदा बंद रहा। बंद का आवाहन विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने किया था। ठेका श्रमिकों को कार्य पर रखने की मांग को लेकर विधायक दिलीपसिंह गुर्जर के नेतृत्व में शहर कांग्रेस कमेटी ने बुधवार सुबह एक रैली निकाली।

विधायक दिलीपसिंह गुर्जर द्वारा जारी किए गए प्रेस बयान में कहा गया है कि ठेका श्रमिकों को जल्द काम पर नहीं बुलाया जाता है तो एक प्रतिनिधि मंडल सीएम शिवराजसिंह चौहान से मिलकर उद्योग प्रबंधन के तानाशही रवैये से अवगत कराएगा।

विधायक गुर्जर ने एसडीएम पुरुषोत्तम कुमार को ज्ञापन सौंपकर श्रमिकों को जल्द काम पर बुलाने को लेकर एक ज्ञापन भी मुख्यमंत्री के नाम सौंपा। विधायक गुर्जर ने कहा- 22 मार्च से लाॅकडाउन प्रभावशाली होने के पूर्व ग्रेसिम उद्योग प्रबंधन व अन्य उद्योगों द्वारा नियमित रूप से स्थायी व ठेका श्रमिकों से कार्य करवाया जा रहा था।

लेकिन कोरोना काल के बाद शासन द्वारा उद्योगों को प्रारंभ करने के आदेश देने के पश्चात ऐसी क्या स्थिति निर्मित हुई जो श्रमिकों के लिए रोजगार नहीं है। जबकि अन्य उद्योगों में सभी श्रमिकों को काम दिया जा रहा है। ज्ञापन का वाचन शहर कांग्रेस अध्यक्ष राधे जायसवाल ने किया।

आंदोलन को रघुनाथसिंह बब्बु, कामरेड लोकुमल खत्री, ओमप्रकाश मौर्य, अजय शर्मा, साबीर पटेल, सुरेन्द्रसिंह मोकडी आदि ने सम्बोधित किया।

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स्वैच्छिक बंद के दौरान इस प्रकार बंद रही शहर की दुकानें।

KAMLESH VERMA

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बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश दैनिक भास्कर और राजस्थान पत्रिका अखबार में सिटी रिपोर्टर पद पर कार्य चुके हैं.

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