दो मुंहे से लेकर उड़ने वाले सांपों तक से जुड़े मिथ और सच्चाई

 दो मुंहे से लेकर उड़ने वाले सांपों तक से जुड़े मिथ और सच्चाई

सांप के फन पर मणि नहीं होती.

सवान माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है.हिंदू धर्म में विशेष पूजन अर्चन किया जाता है. दो मुंहे से लेकर उड़ने वाले सांपों तक जुड़े मिथ और सच्चाई क्या है ? सांपों की उत्पति, क्या सांप उड़ सकते है ? तमाम सवालों के जवाब हम आपके लिए खोज लाएं है…..

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में स्थित सर्प अनुसंधान संस्थान डायरेक्टर मुकेश इंगले के अनुसार सांपों के लिए दूध का सेवन करना जहर के समान है. दूध पीने से सांप को निमोनिया हो जाता है, कई परिस्थितयों में इनकी मौत हो जाती है.

मालूम हो कि, मुकेश इंगले की पांच पीढ़ियां सांप संरक्षण के लिए कार्यरत है. मुकेश खुद 30 सालों से सांपों की प्रजातियों पर रिसर्च कर रहे हैं. इंगले ने बताया कि, विश्व में सांपों की 3000 प्रजातियां हैं. जिसमें से भारत में 320 और मध्य

प्रदेश में 42 प्रजातियों के सांप मौजूद है.

भारत की 60 प्रजाति और मध्य प्रदेश की 4 प्रजाति बेहद जहरीली है. इनके डसने से मौत हो सकती है. चारों प्रजातियों के सांप को बिग फोर कहा जाता है. जिसमें पहला- कोबरा, दूसरा- करैत, तीसरा- रसैल वायपर और चौथा- स्कैल्ड वायपर शामिल है.

सांपों की उत्पति कहा से हुई ?

नागवंश की उत्पत्ति के लिए महाभारत का तर्क देते है. एक कथा में ऋषि कश्यप और दक्ष पुत्री कद्रु से नागों का जन्म होने का उल्लेख मिलता है. धार्मिक कथाओं के अनुसार कद्रू और कश्यप से एक हजार नाग प्रजातियों का जन्म हुआ था.

आठ नागों को प्रमुख स्थान दिया गया है. जिसमें वासुकि, तक्षक, कुलक, कर्कोटक, पद्म, शंख, चूड़, महापद्म और धनंजय शामिल है.

आठ प्रजातियों की उपप्रजातियां बनीं. वासुकि नागों के बड़े भाई थे. धार्मिक पुराणों में नागों के राजा वासुकि को कहा जाता है. तक्षक नाग की जानकारी भागवत में राजा परीक्षित को डसने का मिलता है.

भारत में इच्छाधारी सांप होते हैं या नहीं?

पौराणिक मान्यताओं और कहानियों में सांप के मणिधारी और इच्छाधारी का वर्णन मिलता है. विज्ञान यह नहीं मानता है, कारण किसी भी रिसर्च में ऐसे मणिधारी सांप के बारे में खुलासा नहीं हुआ है. यह एक मिथ या भ्रम है. हालांकि

कोबरा सांप के सिर पर एक चमकीला निशान दिखाई देता है. अंधरे में जब फन पर रोशनी पड़ती है तो यह निशान चमकता है. लोग इसे ही मणि की संज्ञा देते है.

इच्छाधारी सांप के होने का प्रमाण प्राचीन किस्से और कहानियों में प्रचलित हैं. वैज्ञानिक रूप से ऐसा अभी तक कोई प्रमाण नहीं मिला है.

दो मुंह का सांप क्या है ?

दुनियाभर में सांपों की सैकड़ों प्रजातियां है. कुछ सांप ऐसे हैं, जिनकी पूंछ नुकीली न होकर सांप के मुंह की तरह ही मोटी होती है. देखने पर पूछ मुंह समान प्रतित होती है.

अज्ञानतावश लोग इसे दो मुंह का सांप मान लेते हैं.  सामाजिक रूप से उक्त सांपों के संबंध में भ्रम फैला हुआ है कि इनका उपयोग पुरुषों की मर्दाना ताकत की दवाओं के उपयोग में होता है. जिसके चलते इनकी अवैध रूप से तस्करी होती है.

क्या सांप उड़ते भी होते हैं?

इंगले के अनुसार बिल्कुल, कुछ सांप ऐसे हैं जो उड़ने का हुनर जानते है. क्राइसोपेलिया (Chrysopelea) प्रजाति के सांप उड़ते है. किंतु पक्षी की तरह नहीं. उड़ने वाले सांप महज ऊपर से नीचे गिरते है. यह अपना शरीर फैलाकर चौड़ा कर लेते हैं, जिससे नीचे गिरते समय यह उड़ते ही प्रतीत होते है. उड़ने वाले सांप आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, बिहार जैसे राज्यों में पाएं जाते है.

क्या नाग-नागिन मौत का बदला लेते हैं?

नहीं, यह केवल किदवंति है. सांप में स्मरण शक्ति नहीं होती. इनके दिमाग में याद रखने का हिस्सा नहीं है जहां पर यह लोग किसी बात को याद रख सके. बार-बार अपनी जीभ बाहर निकालते समय यह एक विशेष प्रकार का रसायन छोड़ते हैं.

जिसे दूसरे सांप खा लेते है. रसायन के जरिए एक-दूसरे से संवाद करते हैं. मरने के दौरान सांप बहुत अधिक मात्रा में रसायन छोड़ते है, जिसकी गंध से बहुत से सांप एकत्र हो जाते है. जिसे लोग समझते है, कि मौत का बदला लेने के लिए अन्या सांप एकत्र हुए है.

myths-and-truths-related-to-two-faced-snakes
Chrysopelea.

KAMLESH VERMA

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