मध्यप्रदेश : नागदा में एक सिंतबर से खुल सकते हैं स्कूल

 मध्यप्रदेश : नागदा में एक सिंतबर से खुल सकते हैं स्कूल
  • एक सिंतबर से खुल सकते हैं स्कूल, ना हाेगी प्रार्थना, ना राष्ट्रगान
  • सम विषम के आधार पर कक्षा में आएंगे छात्र

उज्जैन. अनलॉक के दौर में केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकारों को शैक्षणिक संस्थाआें के संचालन की अनुमति नहीं दी हैं। जिसके चलते मध्य प्रदेश के स्कूल कॉलेज अब तक शुरू नहीं हो सके है। हालांकि मध्य प्रदेश स्कूली शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक गतिवििधयों के संचालन की तैयारी शुरू कर ली है। जानाकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने तय किया है कि 1 सितंबर 2020 से 14 नवंबर तक चरणबद्ध तरीके में स्कूल कॉलेज खोल दिए जाएं। केंद्र सरकार 31 अगस्त कर इस संबंध में अपनी गाइडलाइन जारी कर देगी। हालांकि इस बारे में आखिरी फैसला राज्य सरकारों का होगा।

मप्र शिक्षा विभाग कयास लगा रहा है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार एक सितंबर 2020 के पूर्व स्कूलों को खोले जाने की अनुमति दे देगा। हरी झंडी मिलते ही एक सितंबर से मध्य प्रदेश समेत उज्जैन जिले की नागदा, खाचरौद, बड़नगर, घटि्टया, महिदपुर, तराना तहसीलों के स्कूलाें को खोल दिए जाएगा। मालूम हो कि अब तक स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए पढ़ाई सुचारू है।

मप्र शिक्षा विभाग ने छ चरणों में प्रारूप तैयार किया

मप्र शिक्षा विभाग ने छ चरणों में प्रारूप तैयार किया है। जिसके अंतर्गत स्कूलों में ना तो प्रार्थना सभा आयोजित होगी। ना ही किसी प्रकार की सामूहिक एक्टीविटी आयोजित होंगे। वार्षिकोत्सव जैसी गतिविधियां भी नहीं होगी।

स्कूली शिक्षा विभाग ने राज्य शासन को एक प्रारूप भेजा है, जिसे फिलहाल मंजूरी नहीं मिली है।प्रारूप में विद्यार्थियों को एक दिन छोड़कर और सम विषम के आधार पर बुलाया जाना सुनिश्चित किया है।

बड़ी कक्षा के विद्यार्थियों को प्राथमिकता

स्कूलों के खुलने के बाद पहली से 12वीं तक भिन्न चरणों में पढ़ाई होगी। स्कूलों के खुलने के बाद कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा। इसके ठीक एक हफ्ते बाद कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को स्कूल में बुलाया जाएगा।

यानी दो हफ्ते बाद कक्षा 6टी से 8वीं के विद्यार्थियों को बुलाएं जाने की योजना है। तीन हफ्ते बाद कक्षा 3री और पाचवीं के विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा। अंत में पालकों की सहमती के साथ नर्सरी और केजी कक्षाओं के बच्चों को स्कूल में बुलाया जाएगा।

सम विषम को बनाया आधार

मप्र शिक्षा विभाग ने जो प्रारुप तैयार किया है। उसमें बच्चों का सीटिंग अरेजमेंट पर ध्यान दिया है। बच्चों की सीटिंग के बीच 6 फीट का गेप होगा। विद्यार्थियों को सम विषम के आधार पर स्कूल बुलाया जाएगा। हालांकि हाेमवर्क रोजाना दिया जाएगा।

सभी बच्चों की स्कूल डेस्क पर नाम अंकित होगा, कारण विद्यार्थियों का सीट बदलना है। प्रवेश के पहले बच्चों की स्क्रीिनंग होगी। इनता ही नहीं बच्चों को मास्क लगाना अनिवार्य होगा, पानी की बोतल और लंच बॉक्स भी घर से लाना होगा।

KAMLESH VERMA

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