लालू प्रसाद यादव को बेल मिल गई है

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फाइल फोटो सोर्स गूगल

पटना. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) चीफ लालू प्रसाद यादव को चाईबासा ट्रेज़री केस में बेल मिल गई है. उकत मामले में लालू प्रसाद यादव को पांच साल की सज़ा हुई थी. बता दें कि फर्जी तरीके से ट्रेजरी से 33.13 करोड़ रुपए निकालने के दोषी यादव को पाया गया था. ज़मानत उनको इस आधार पर मिली है कि उन्होंने सज़ा की आधी अवधि यानी 30 माह जेल में पूरे कर लिए हैं.

हालांकि, इस याचिका पर पिछली सुनवाई 11 सितंबर को हुई थी. तब लालू के वकील कपिल सिब्बल ने जस्टिस अपरेश सिंह की बेंच को उनकी सज़ा की आधी अवधि पूरी होने की दलील कोर्ट के समक्ष दी थी. लेकिन कोर्ट ने वकील द्वारा दी गई दलील को मानने से इनकार कर दिया था, कोर्ट का कहना था कि 30 माह पूरे होने में अभी 26 दिन का समय बाकी हैं.

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फाइल फोटो सोर्स गूगल

इतना ही नहीं लालू प्रसाद यादव को देवघर ट्रेज़री केस में भी ज़मानत दे दी गई है. मामले में यादव को 3.5 साल की सज़ा सुनाई गई है..

लेकिन जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे लालू!

हालांकि, कोर्ट द्वारा दोनों मामलों में जमानत पाने के बाद भी लालू प्रसाद यादव का जेल से बाहर निकल पाना मुश्किल लग रहा है. चाईबासा और देवघर के अलावा लालू दुमका ट्रेज़री से जुड़े केस में भी अपनी सज़ा पूरी रहे हैं. काेर्ट ने इस मामले में लालू प्रसाद यादव को सात साल की सज़ा दी है. ऐसे में जेल से बाहर आने के लिए उन्हें इस केस में भी ज़मानत लेनी होगी.

बिहार चुनाव के मद्देनजर आरजेडी की कोशिश है कि लालू जमानत पर किसी ना किसी  प्रकार से बाहर आ जाएं. हालांकि, दुमका मामले में सज़ा की आधी अवधि पूरी करने के लिए लालू को 12 माह और जेल में बितना होगा.

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