Jivitputrika Vrat 2020: जिउतिया व्रत कैसे किया जाता है?

 Jivitputrika Vrat 2020: जिउतिया व्रत कैसे किया जाता है?

Jivitputrika Vrat 2020: जिउतिया व्रत कैसे किया जाता है?

Jivitputrika Vrat 2020 : जिउतिया या जीवित पुत्रिका (जीमूत वाहन) का पर्व 10 सितंबर 2020 को है। सुहागिन महिलाएं वंश वृद्धि व संतान की दीर्घ आयु के लिए जिउतिया व्रत करती है। श्राद्ध के दिनों में व्रत किया जाता है। अश्विन कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को जिउतिया पर्व आता है। पंडित उमाशंकर ने बताया कि जीवित पुत्रिका व्रत का संबंध महाभारत काल से जुड़ा है।

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9 सितंबर को होगा नहाय खाए

साल 2020 में आश्विन कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि 9 सितंबर 2020 रात में 9 बजकर 46 मिनट से शुरू होगी। 10 सितंबर की रात 10 बजकर 47 मिनट तक अष्टमी रहेगी। 10 सितंबर को अष्टमी में चंद्रोदय का अभाव है इसलिए जिउतिया पर्व 10 को मनाया जाएगा।

व्रत से एक दिन पूर्व 9 सितंबर की  रात को महिलाएं नहाय-खाए करेंगी। इस दिन महिलाएं पवित्र नदियों में स्नान कर मंड़ुआ रोटी, नोनी का साग, कंदा, झिमनी आदि का प्रसाद स्वरूप ग्रहण करती है।

Jivitputrika Vrat 2020: जिउतिया व्रत कैसे किया जाता है?

नहाय-खाय 9 सितंबर रात 9 बजकर 47 मिनट के पूर्व करना होगा। वृद्ध लोग बताते है कि सूर्य उगने के पूर्व ही सरगही-ओठगन करके व्रत का संकल्प लिया जाता है। जिउतिया व्रत का पारण 11 सितंबर 2020 सुबह सूर्योदय से लेकर दोपहर 12 बजे तक रहेगा। जिउतिया व्रत के अगले दिन (11 सितंबर को) 12 बजे से पहले पारण करना शुभ फल देगा।

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जितिया पर्व की कथा हिंदी में । jivitputrika vrat katha in hindi

KAMLESH VERMA

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