पटाखे बिना दिवाली मनाने के तरीके (How To Celebrate Diwali Without Crackers) – यहां से जाने

त्योहारों के देश भारत में हर पर्व उत्साह के साथ मनाया जाता है। वहीं बात दिवाली की जाए तो हर आयु वर्ग के चेहरे पर खुशियां देखने को मिलती है। क्योंकि दिवाली का त्योहार भारतवर्ष में सबसे ज्यादा धूम-धाम के साथ मानाया जाता है। दिवाली के त्योहार को खुशियों का त्योहार के नाम से भी जाना जाता है। लिहाजा त्योहार को धूम-धाम से मनाना हिंदू धर्म के लोगों के लिए लाज़मी है। साल 2015 से देखने में आ रहा है कि दिवाली का त्योहार र्सिफ पटाखों का त्योहार बनकर रह गया है। और पटाखे बिना दिवाली मनाने की कोई सोचता तक नहीं। देश आज आधुनिकीकरण ओर बढ़ रहा है अब दिवाली का महत्तव की परिभाषा बदल गई है। दिवाली की मूल परिभाषा जैसे लोग भूल ही गए हैं। लोगों ने इस बात को जहन में बैठा लिया है कि पटाखे बिना दिवाली लोग मना ही नहीं सकते हैं। तकनीकी युग में जीने वाले लोगाें ने पटाखों से होने वाले नुकसान को भुला दिया हैं। दिवाली शांति और खुशियों के साथ मनाया जाने वाला पर्व है। इस दिन लाेग घरों को सजाने से लेकर स्वादिष्ट पकवान बनाने में दिवाली का असली मजा है। न की पटाखों से प्रदूषण फैलाकर पर्यावरण को धूमिल कर दिवाली का मजा है। कैसे पटाखे के बिना दीवाली मनाने के लिए आप क्या कर सकतें हैं जानने के लिए हम आपके लिए बेहद ही रोचक और अर्थपूर्ण लेख लेकर आएं हैं।

सांकेतिक तस्वीर : फोटो सोर्स सोशल मीडिया

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तकनीकी युग को जीवन में पूर्ण रुप से उतार चुके लोगों को लगता है कि दिवाली का त्योहार र्सिफ पटाखों के साथ ही मनाया जाता है। लेकिन लोगों को यह समझना होगा कि पटाखे बिना दिवाली बेहतर सुरक्षित तरीके से दिवाली मनाई जा सकती है। पटाखों से होने वाले नुकसान कई हैं। चिंता कि बात यह है कि लोग दशहरा के त्योहार से ही पटाखों से प्रदूषण करने का शुभारंभ कर देते हैं जो कि बेहद ही गलत बात हैं।  और दिवाली में पटाखे का नुकसान बहुत अधिक होता है। पटाखों से नुकसान न केवल मनुष्यों को होता है पटाखों से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। लेख के जरिए आज हम आपको बताएंगे कि पटाखे बिना दिवाली और आप कैसे पटाखे के बिना दीवाली मनाने के लिए क्या-क्या इंतजाम कर सकते हैं। जिससे आप पटाखे बिना दिवाली मनाएं और खुशियां बांट कर दिवाली को यादगार बना सकते हैं।

कैसें मनाए बिना पटाखों के दिवाली

दिवाली का त्योहार परिजनों और सगे संबंधियों  के साथ खुशियां बांटकर मनाने का पर्व हैं। लेकिन यह बातें महज किताबों तक सिमिट कर रह गई हैं। कारण यह भी है की आधुनिक पीढ़ी ने शोर शराबा कर  दिवाली मनाने का तरीका ढूंढ लिया है। युवा पीढ़ी को इस बात को समझना होगा कि पटाखे बिना दिवाली मनाई जा सकती हैं। पटाखों से होने वाले नुकसान बेहद ही हानिकारक है। हम आपकों लेख के जिरए यह बता रहे है कि आप प्रदूणष मुक्त दिवाली किस प्रकार मना सकते हैं।इतना ही नहीं पटाखे बिना दिवाली जैसे अच्छे त्योहार का मज़ा लिया जा सकता है।दिवाली कैसे मनाई जाती है बिना पटाखों के नीचे बताए गए तरीकों को देखकर समझिएं।

  • पटाखों से दूर, परिवार के साथ

आपके दिमाग में सवाल उठ रहा होगा कि पटाखे बिना दिवाली कैसे मनाई जा सकती है। इस साल दिवाली पर सब पटाखों का साथ छोड़कर परिवार वालों के साथ बैठकर स्वादिष्ट पकवान का मजा लेंगे। पटाखे बिना दिवाली मनाने की सोच भी बहुत अच्छी है। यदि आप आने वाली भावी पीढ़ी को शुद्ध पर्यावरण देना चाहते है तो खुद सोचने वाली है कि पटाखों से पर्यावरण को नुकसान कितना पहुंचता होगा। और सबसे ज्यादा पटाखों से हानि हम स्वयं को पहुंचाते हैं। जरा दिमाग पर जोर देकर सोचिए पटाखें जलाते समय न चाहते हुए पटाखों से होने वाले नुकसान आपके साथ हो गए तो दिवाली का मजा खराब हो सकता है। सगे संबंधियों और रिश्तेदारों, दोस्तों के साथ दिवाली का त्योहार मनाने से आप अच्छी यादें बटोर सकते हैं। इतना ही नहीं पटाखे बिना दिवाली मनाने से पटाखों से वायु प्रदूषण भी कम हो जाएगा।

  • जरुरत मंद की करें मदद

दीवाली खुशिया बांटने का पर्व है। इस दौरान यदि हम किसी गरीब निर्धन की मदद करते हैं तो यह पुण्य कमाने का कार्य होगा। इतना ही नहीं अंदर से एक अलग खुशी महसूस होती है। और सबसे अच्छी बात तो यह है कि इस खुशी का हमें इंताजार नहीं करना होगा। खुशी पाने का मौका दिवाली का त्योहार से अच्छा नहीं होता। इसलिए पटाखों पर रुपए खर्च करने की बजाए गरीब को दान करें और पटाखे बिना दिवाली मनाए। इस दिन आप किसी गरीब को मिठाईयां, कपड़े आदि का दान कर सकते हैं। आपको पता चल गया होगा कि पटाखे बिना दिवाली भी मनाई जा सकती है। यह बात भी सोचाने वाली है कि  पटाखों से प्रदूषण के अलावा कुछ नहीं होता है। हमेशा इस बात को याद रखें कि पटाखों से होने वाले नुकसान कितने गंभीर होते हैं।

  • तोहफे बांटकर मनाएं दिवाली

दिवाली का त्योहार खुशियों को एक दूसरे के साथ बांटने का त्योहार होता है। भारतीय लोगों में खुशियां बांटने का तरीका अनोखा होता है। दिवाली वाले दिन लोग अपनी खुशियों का इजहार उपहार या तोहफे बांटकर करते हैं। खासकर मिठाईयां बांटी जाती हैं। पटाखे बिना दिवाली मनाने का यह तरीका नैतिकता के अधार पर सभी को अपनान चाहिए। मीठा बांटकर दिवाली मनाने में मजा ही कुछ और होता है। और यह मजा पटाखों से प्रदूषण करने में तो बिल्कुल भी नहीं है।

  • आस-पास की करें सफाई, लगाएं पौधें

दिवाली आने के 10-15 दिन पहले से ही लोग दिवाली की सफाई करने में जुट जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि दिवाली की सफाई इसलिए की जाती है जिससे की दिवाली वाले दिन लक्ष्मी जी घर में विराजमान रहे। दिवाली का त्योहार पर घर की सफाई तो प्रतिवर्ष  की जाती है। लेकिन इस बार आप पटाखे बिना दिवाली के साथ कुछ अलग करने की भी सोच सकते हैं। आप घर की सफाई के अलावा अपने आस-पास की भी सफाई कर सकते हैं। जैसे कि आप अपने मोहले की भी सफाई कर सकते हैं। और साफ की गई जगह में पेड़-पौधे भी लगा सकते हैं।

  • खास लोगों के साथ दिवाली पार्टी करें

दिवाली का त्योहार का इंजॉय र्सिफ पटाखों को जलाने तक ही सीमित नहीं होता है। इस बात को आपने भलीभाति मान लिया होगा। दिवाली का आनंद रिश्तेदारों के साथ बैठकर भोजन करने में हैं। आप चाहे तो दिवाली पार्टी आप किसी थीम पर रख सकते हैं। यह पटाखे बिना दिवाली मनाने का बेस्ट तरीका भी है।

  • दिवाली की स्पेशल डिश खाएं और खिलाएं

इस दिन स्पेशल डिश आप केवल खुद खाने के साख-साथ दूसरों को भी खिला सकते हैं। आपका दिवाली का त्योहार की खुशियां दोगुनी हो जाएंगी। सबसे खास बात यह है कि इस दिन आप अपना कुकिंग टेलेंट भी दिखा सकते हैं। इससे अलग-अलग डिश खाने को भी मिलेगी। साथ ही पटाखे बिना दिवाली का दिन यादगार बन जाएगा।

  • खुद सजे साथ में घर को भी सजाएं

वर्तमान युग में लोगों की जिंदगी भाग दौड़ भरी हो गई है। त्योहारों का ही वक्त ऐसा होता है जब पूरा परिवार साथ होता है। और दिवाली का त्योहार होने के बहाने ही घर के सब लोग सजते हैं। और दिवाली के समय घर सजाने की नई- नई चीज़े भी बाजारों में आ जाती हैं। और खुद के लिए तो हम बेस्ट ड्रेस लेते ही हैं। और इस बार प्रण लें कि पटाखे बिना दिवाली मनाएंगे।

  • दियों के साथ लें पूरे परिवार की सेल्फी

सेल्फी लेना तो आजकल की दैनिक दिनचर्या है। लेकिन सेल्फी भी हर कोई र्सिफ अपने आप की लेता है। इस बार आप अपने परिवार के साथ फैमली सेल्फी लें। खासकर जलते हुए दियों के आप  पूरे परिवार की सेल्फी लेें। इसमें उन लोगों को शामिल करें जो बाहर रहते हैं। और दिवाली का त्योहार के लिए घर आते हैं।  दिवाली का मजा दुगना हो जाएगा जब हम पटाखे बिना दिवाली मनाएंगे।

इसे भी देखें – दिवाली की तारीख कब है?

KAMLESH VERMA

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