नागदा में डेढ़ घंटे चला हाई वोल्टेज ड्रामा : स्कूल संचालक ने कहा 3000 रुपए वाले स्कूल में नहीं पढ़ा सकते तो, 700 रुपए वाले स्कूल में पढ़ाए, अभिभावक भड़के

 नागदा में डेढ़ घंटे चला हाई वोल्टेज ड्रामा : स्कूल संचालक ने कहा 3000 रुपए वाले स्कूल में नहीं पढ़ा सकते तो, 700 रुपए वाले स्कूल में पढ़ाए, अभिभावक भड़के

राजोरिया को हाथ पकड़कर बैठक से बाहर करते तहसीलदार आरके गुहा.

  • मामला ट्यूशन फीस के लिए पालकों पर स्कूल संचालकों द्वारा बनाए जा रहे दबाव का

नागदा.स्कूल संचालकों और अभिभावक संघ की एक बैठक गुरुवार सुबह 11.30 बजे शा. बालक उमावि में आयोजित हुई। फीस ना लिए जाने की मांग कर रहे पालक उस समय भड़क उठे जब गुलाब बाई कॉलोनी स्थित सरस्वती स्कूल संचालक संतोष राजोरिया ने पालकों को यह दिया कि, आपकी हैसियत 3000 रुपए वाले स्कूल में पढ़ाने की नहीं तो, 700 रुपए फीस वाले स्कूल में पढ़ाए। राजोरिया के बयान पर अभिभावकों ने हंगामा कर माफी मांगने की जिद कर दी।

हंगामा देख स्कूल संचालक बैठक का बायकॉट कर बाहर चले गए। करीब डेढ़ घंटे चले हाईवोल्टेज ड्रामे का अंत एसडीएम आशुतोष गोस्वामी की समझाईश से हुआ।

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बैठक के दौरान विवाद करते दोनों पक्ष।

फीस के लिए स्कूल संचालक भेजते है मैसेज

बैठक की अध्यक्षता कर रही अभिभावक कल्याण संघ सचिव शिल्पा गुप्ता ने कहा कि, स्कूल संचालक फीस जमा किए जाने के लिए वाट्सएप पर मैसेज भेजते है। जिसे पढ़कर हमारे बच्चे अवसाद में जाने के साथ फीस जमा करने की जिद करते है। इतना ही नहीं स्कूलों द्वारा किताब खरीदने के लिए हम पर दबाव बनाया जाता है।

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बैठक का बहिष्कार कर बाहर जाते स्कूल संचालक.

करीब-करीब सभी पालकों की आर्थिक स्थिति कमजोर है। ऐसे में यह संभव नहीं है। संघ अध्यक्ष शैलेंद्रसिंह चौहान ने अभिभावकों के पक्ष में बात रखते हुए यह कहा कि ऑनलाइन कक्षाओं के लिए हम पूरी फीस क्यों जमा करें। वास्तविक रुप से कक्षा लगाएं जाने पर हम पूरी फीस देने को तैयार हैं। पालकों के समर्थन में क्षत्रिय महासभा प्रदेशाध्यक्ष हेमलता तोमर मौजूद रही।

स्कूल का मेटेनेंस कहां से करें, 10 हजार रुपए आता है बिजली बिल

स्कूल संचालकों का प्रतिनिधित्व करते हुए चेतन यादव कहा कि, पालक फीस देने को राजी नहीं है। हम अप्रैल, जून, जुलाई की फीस माफ कर सकते है। बाकि, 9 माह की फीस जमा करना आपकी नैतिक जिम्मेदारी है। कोरोना कॉल में स्कूल का मेटनेंस करना बहुत ही मंहगा है। हमारे पास 20 साल से शिक्षक काम कर रहे उन्हें वेतन देना बिजली का बिल जमा करना बेहद ही जरूरी है।

नहीं निकल सका निर्णय, जारी रहेगा आंदोलन

फीस को लेकर बैठक में किसी प्रकार का निर्णय नहीं निकल सका। स्कूल संचालक द्वारा पालकों को बोली गई अनुचित बात पर तहसीलदार आर.के.गुहा ने नाराजगी जताई। दूसरी ओर स्कूल संचालक की बात से नाराज पालकों ने मांफी मांगे जाने की बात पर आक्रोश जताते हुए आगे आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया।

बैठक में बीईओ सनत कुमार व्यास, बीआरसी प्रणव द्विवेदी, आदित्य बिड़ला स्कूल की ओर से अंजता हंस आरोड़ा, मारूती स्कूल संचालक चेतन यादव समेत एक दर्जन स्कूल संचालक मौजूद थे।

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KAMLESH VERMA

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