हरियाली अमावस्या 20 जुलाई 2020 को : सूर्य-चंद्र संगम को अमावस भी कहते हैं

 हरियाली अमावस्या 20 जुलाई 2020 को : सूर्य-चंद्र संगम को अमावस भी कहते हैं

सांकेतिक तस्वीर.

20 जुलाई 2020 को सावन अमावस्या है. जिसे हरियाली अमावस्या कहते हैं. एक ही राशि में सूर्य-चंद्र के संगम पर अमावस कहते है.

चंद्र की सोलहवी कला को अमा कहते है. सोमवार के दिन अमावास को आने पर सोमवती अमावस्या कहा जाता है. हिन्दी कैलेंडर के अनुसार एक माह 15-15 दिनों के दो भागों बांटा गया है.

पहले पक्ष को शुक्ल और दूसरे को कृष्ण पक्ष कहा जाता है. शुक्ल पक्ष में चंद्रमा बढ़ता जाता है, पूर्णिमा के दिन चांद पूरा गोल दिखाई देता है. कृष्ण पक्ष में चंद्रमा का आकार कम होता जाता है, अमावस्या के दिन चांद पूरी तरह से गायब हो जाता है.

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. अजय पंडिया ने बताया कि, हिंदू पंचांग में मतभेद है. कुछ कैलेंडर में शुक्ल पक्ष के पहले दिन प्रतिपदा तिथि से महिने को शुरू माना जाता है. उलट कुछ पंचांग में कृष्ण पक्ष से माह शुरू माना जाता है. कृष्ण पक्ष के 15वें दिन को अमावस्या आती है.

स्कंद पुराण में उल्लेख है कि, चंद्र की 16वीं कला को अमा कहा जाता है. स्कंद पुराण में लिखा है कि-
अमा षोडशभागेन देवि प्रोक्ता महाकला।
संस्थिता परमा माया देहिनां देहधारिणी ।।

अर्थात चंद्र की अमा नाम की महाकला है, जिसमें चंद्र की सभी 16 कलाओं की शक्तियां शामिल होती है. जिसका क्षय और उदय नहीं होता है.

ज्योतिषाचार्य बताते है कि, अमावस्या के दिन सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में होते हैं. 20 जुलाई 2020 को अमावस्या के दिन दोनों ग्रह कर्क राशि में आएंगे. इसे सूर्य-चंद्र संगम कहा जाएगा.

आवश्यक रूप से करें पितरों के लिए धूप-ध्यान

20 जुलाई 2020 को हरियाली अमावस्या पर पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण, दान-पुण्य का करना बेहद लाभदायी होता है. दोपहर में कंडा जलाकर उस पर गुड़-घी अर्पित करे.

KAMLESH VERMA

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