गणेश चतुर्थी 2020 : ऐसी मूर्ति भूलकर भी घर ना लाए, होता है कलेश

 गणेश चतुर्थी 2020 : ऐसी मूर्ति भूलकर भी घर ना लाए, होता है कलेश

उज्जैन. दस दिवसीय गणेश चतुर्थी 2020 पर्व शनिवार से शुरु हो रहा है। काेरोना महामारी के चलते बाजार में इस बार छोटी मूर्तियां ही आई है।

महामारी को देखते हुए शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने गणपति उत्सव मनाने की इजाजत नहीं दी है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा कोर्ट में लगाई गई याचिका पर कोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि उत्सव के दौरान भीड़ पर काबू पाना मुश्किल होगा।

गणेश उत्सव मनाने वालों के समक्ष मूर्तियों के चयन को लेकर दुविधा होती है। श्रद्धालु इस बात को लेकर कंफ्यूज रहते है कि, किसी प्रकार की मूर्ति शुभफल देगी और किस प्रकार की प्रतिमा को विराजित करने से घर में कलेश या विघ्न आते हैं।

ganesh-chaturthi-2020-dont-forget-to-bring-home-this-type-of-idol-it-happens

पंड़ित उमाशंकर उज्जैन के द्वारा बताई गई बातों के आधार पर हम आपकों कुछ टिप्स देते हैं जिससे आपकों मूर्तियों के चयन में दुविधा ना हो। गणेश जी को विधिअनुसार विराजित करने से शुभ फल मिलता है। ध्यान रहे कि दिखावे के चक्कर में इस प्रकार की मूर्तियां घर में ना विराजित करें जिससे घर में कलेश उत्पन्न हो।

चलिए जानतें गणेश मूर्तियों की स्थापना, पूजन एवं उनके विसर्जन के दौरान ध्यान रखने वाली शास्त्र संगत बातें

ऐसी गणेश जी की मूर्ति लाएं घर, हमेशा देगी शुभफल

  • 1 से 1.5 फीट से अधिक बड़ी मूर्ति ना खरीदें
  • ज्यादा वजन की मूर्ति ना खरीदें, एक व्यक्ति मूर्ति को सहजता से उठा सके।
  • सिंहासन पर बैठी हुई मूर्ति सर्वोत्तम है।

इस प्रकार की मूर्ति करती है कलेश

  • सांप, गरुड, मछली या युद्ध मुद्रा में बनी दिखावटी मूर्तियों को रखना नकारात्मक फल देता है।
  • शिव पार्वती के गोद में बैठी प्रतिमा ना खरीदें, कारण शिव को लिंग स्वरुप में पूजा जाता है। जो कि शास्त्र में निषिद्ध है।
  • मूर्ति के चेहरे पर पट्‌टी बांधकर ना लाएं।
  • प्राण प्रतिष्ठा करने के बाद ही मूर्ति देवत्व आते है, आवश्यक रुप से प्राणप्रतिष्ठा करें।

KAMLESH VERMA

https://newsmug.in

Related post