ग्रेसिम उद्योग ने ठेका श्रमिकों को काम पर नहीं बुलाया तो कांग्रेस करेगी आंदोलन

 ग्रेसिम उद्योग ने ठेका श्रमिकों को काम पर नहीं बुलाया तो कांग्रेस करेगी आंदोलन

एसडीएम कुमार को ज्ञापन सौंपते कांग्रेसजन।

नागदा। करीब 6 माह से घर बैठे grasim industries limited nagda ठेका श्रमिकों के हित में कांग्रेस विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने आवाज उठाई है। श्रमिकों को कार्य पर बुलाए जाने की मांग को लेकर बुधवार को एसडीएम पुरुर्षोत्म कुमार व लेबर कमिश्नर को एक ज्ञापन सौंपा है।

जिसमें उल्लेख है कि grasim industries limited nagda को तत्काल प्रभाव से 100 प्रतिशत उत्पादन शुरू करें। grasim industries limited nagda प्रबंधन 3500 मजदूरों को एक सप्ताह के भीतर कार्य पर बुलाएं अन्यथा कांग्रेसजन स्वेच्छिक नागदा बंद व धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होगी।

गुर्जर द्वारा जारी किए गए प्रेस में उल्लेख है कि श्रमायुक्त एवं कलेक्टर उज्जैन द्वारा कुछ शर्तो के साथ उद्योग प्रारंभ करने की अनुमति दी गई थी। grasim industries limited nagda द्वारा पालन न करते हुए शर्तो का उल्लंघन किया जा रहा है। ग्रेसिम उद्योग नागदा अपनी उत्पादन प्रक्रिया 60 प्रतिशत से अधिक चला रहे हैं।

स्थायी श्रमिकों से ठेका श्रमिकों का भी काम grasim industries limited nagda प्रबंधन द्वारा लिया जा रहा है। जिसका परिणाम 3500 से ज्यादा ठेका श्रमिकों एवं स्थायी श्रमिकों को भुगतना पड़ रहा है।

congress-will-agitate-if-grasim-industry-does-not-invite-contract-workers-to-work
एसडीएम कुमार को ज्ञापन सौंपते कांग्रेसजन।

शासन से क्या कि मांग

  • लाॅकडाउन समाप्त हो चुका है। शासन उद्योग को निर्देशित कर 100 प्रतिशत उत्पादन प्रांरभ करने के आदेश प्रदान करें। सभी ठेकेदार व स्थाई मजदूरों को कार्य पर बुलाया जाए।
  • grasim industries limited nagda में स्टाॅफकर्मियों को शासन नियम विरूद्ध वी.आर.एस. देने का कार्य तत्काल बंद किया जाए।
  • यदि उद्योगों द्वारा सम्पूर्ण उत्पादन क्षमता से उद्योग प्रारंभ नहीं किया जाता है तो सभी प्रकार के श्रमिकों को रोटेशन पद्धति से कार्य पर बुलाया जाए।
  • 23 मार्च 2020 को जिन ठेका श्रमिकों ने लाॅकडाउन के चलते उद्योग में कार्य पर नहीं पहुंच पाए उनका grasim industries limited nagda प्रबंधन द्वारा वेतन काटा गया है उसे तत्काल दिलाया जाए।
  • रोटेशन पद्धति के आधार पर उत्पादन प्रक्रिया में ठेका श्रमिकों को सम्मिलित होने के पश्चात शेष बचे ठेका श्रमिकों को कर्मचारी बीमा निगम के तहत संचालित की जा रही शासन की विभिन्न योजनाओं का हितलाभ दिलाया जाए।
  • शासन द्वारा यह स्पष्ट आदेश दिया गया था कि कोरोना काल में किसी भी श्रमिकों को कार्य से नहीं निकाला जाएगा, ना ही वेतन काटा जाएगा। बावजुद इसके grasim industries limited nagda प्रबंधन द्वारा श्रमिकों को वेतन नहीं दिया जा रहा है, निकाला जा रहा है। जो शासन के आदेशों की उद्योग प्रबंधन द्वारा सीधे सीधे अवहेलना की जा रही है।
  • बेरोजगार ठेका श्रमिकों के लिए जब तक रोजगार प्राप्त नहीं हो शासन द्वारा बेरोजगारी भत्ता दिया जाए।
  • ठेका श्रमिकों को संबल योजना से जोड़कर उनको बिजली बिल में छुट एवं निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। श्रमिकों के बच्चों की फीस मांफ की जाए।

उपरोक्त मांगों का निराकरण एक सप्ताह के अंदर किए जाने की कांग्रेसजनों ने चेतावनी दी है। ज्ञापन का वाचन शहर कांग्रेस अध्यक्ष राधे जायसवाल ने किया। इस मौके पर जिला महामंत्री रघुनाथसिंह बब्बु, मण्डलम अध्यक्ष अजय शर्मा, आशीष जैन, नागुसिंह गुर्जर, नरेन्द्र रघुवंशी, रवि रजला आदि उपस्थित थे।

KAMLESH VERMA

https://newsmug.in

Related post