बिरलाग्राम पुलिस ने अवैध हथियार के साथ 6 युवकों को पकड़ा

 बिरलाग्राम पुलिस ने अवैध हथियार के साथ 6 युवकों को पकड़ा

सांकेतिक तस्वीर-फोटाे सोर्स फेसबुक

रविंद्रसिंह रघुवंशी

नागदा । उन्हेल कस्बे से बीते सप्ताह पुलिस द्वारा पकडी गई एक हथियार गैंग का शनिवार शाम को बिरलाग्राम पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने जो कहानी बताई है उससे यह सिध्द हो रहा हे कि इस पूरे मामले को लाभ शुभ के चलते रफा दफा कर दिया गया है।

हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपियों को शुक्रवार रात को गिरफ्तार किया है उनके पास से पिस्टल व एक चोरी की बाईक जब्त की है। पुलिस का कहना है कि दोनों प्रकरण अलग-अलग है इस पूरे मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय मे पेश किया । न्यायाशीध ने समस्त आरोपियों को जेल भेज दिया। इनमें से पांच आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट व एक आरोपी के खिलाफ बाईक चोरी का प्रकरण दर्ज किया गया है।

क्या है मामला

पुलिस सूत्रों के मुताबिक लगभग 7 दिन पूर्व बिरलाग्राम पुलिस ने बाईक चोरी के मामले में उन्हेल के एक युवक को गिरफ्तार किया था इस युवक से जब पुछताछ की गई व इसका मोबाईल चेक किया गया तो मोबाईल के अंदर का डाटा को देख पुलिस दंग रह गई। मोबाईल के अंदर हथियार, पिस्टल, तलवार आदि के चित्र व जानकारी थी जिससे पुलिस को शंका हुई कि कहीं न कहीं यह हथियार सप्लाए गैंग है।

पुलिस ने जब उक्त व्यक्ति से सख्ती से पूछताछ की तो उसने एक एक कर 6 युवाओं के नाम बताए। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है इन युवकों के पास से ओर भी हथियार मिले हैं। लेकिन पुलिस महज एक ही हथियार दर्शा रही है। अब पुलिस इस पूरे मामले की कहानी कुछ ओर बता रही हैं।

क्या कह रही है पुलिस

बिरलाग्राम थाना प्रभारी हेमंतसिंह जादौन ने शनिवार शाम को मिडिया को दिए बयान में बताया कि 18 सितम्बर को मुखबीर से सूचना मिली कि एक युवक ट्रासपोर्ट नगर में अवैध रूप से पिस्टल सप्लाए करने आया है। पुलिस जब ट्रासपोर्ट नगर पहुंची तो ब्रिज के नीचे खड़ा एक व्यक्ति भारत पिता प्रभुलाल राठौड उम्र 40 वर्ष निवासी नई दिल्ली उन्हेल पुलिस को देखकर भागा।

पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर तलाशी ली तो उसके पास से एक पिस्टल मिली। जिसके बाद उससे पूछताछ करने पर उसने बताया कि यह पिस्टल उसने आनंदीलाल पिता रामगोपाल धाकड़ निवासी उन्हेल से खरीदी। जब पुलिस ने आनंदीलाल को पकड़ा वह उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने पिस्टल अमन पिता विनोद शिंदे निवासी उन्हेल से खरीदी।

पुलिस ने जब अमन को गिरफ्तार कर पूछा तो अमन ने बताया कि यह पिस्टल समीर पिता जाहीर खान ने उसे बेची है। समीर को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो समीर ने बताया कि उसने पिस्टल ईमरान पिता मेहबूब खान से खरीदी। जब ईमरान से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि एक माह पूर्व 10 हजार रुपए मे उसने यह पिस्टल रेती की खदान पर राजू पठान निवासी उन्हेल से क्रय की थी।

हांलाकि पुलिस ने राजू पठान को गिरफ्तार नहीं किया है लेकिन पुलिस इसकी तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि यह उन्हेल का निवासी है ओर कुछ दिन पूर्व बीमार था वर्तमान में कहां और किस पर मौजूद हैं, इसकी तलाश की जाएगी। इसी प्रकार पुलिस का कहना है कि शनिवार को झिरन्यिा फंटे पर वाहन चैंकिग के दोरान एक पल्सर वाहन सवार को रोका गया । जब वाहन सवार मोहसीन उर्फ बोडा पिता मुस्ताक खान उम्र 20 वर्ष निवासी पठान मोहल्ला निवासी उन्हेल से गाडी के कागज मांगने गए तो उसने बताया कि उसने यह गाड़ी 15 दिन पूर्व उन्हेल से चोरी की है।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

इस पूरे प्रकरण में बिरलाग्राम पुलिस एक बार फिर शंका के घेरे में आ गई है। सूत्रों के मुताबिक यदि पुलिस इस प्रकरण की बारिकी से जांच करती तो एक बडा गिरोह का पर्दा फाश होता। आखिरकार इन लोगों को 6 दिन तक पुलिस थाने पर क्यों रखा ओर क्या पुछताछ की। चुंकि जिस दिन पुलिस ने इन लोगों को पकड़ा था उसी दिन इनके पास से एक पिस्टल व एक बाईक जब्त कर ली गई थी।

उस समय पुलिस से मिडियाकर्मी ने सवाल किया था, तो पुलिस का कहना था कि मामले की जांच चल रही है। कोई बड़ा घटनाक्रम का पर्दा फाश किया जाएगा। आखिर ऐसा क्या हुआ कि पुलिस की जांच वहीं पर ही दब गई। 15 सितम्बर को जब प्रभारी एसपी सविता सुहाने नागदा में एक हत्या के प्रकरण के खुलासे के लिए नागदा आई थी, तो एसपी से जब उन्हेल के प्रकरण के बारे में पूछा गया था तो उनका कहना था कि इस मामले की अभी जांच चल रही है।

सीएसपी मनोज रत्नाकर ने भी यही जवाब दिया था। जबकि शनिवार को बिरलाग्राम पुलिस कह रही है कि इन आरोपियों को 18 सितम्बर को गिरफ्तार किया। इससे यह साबित होता है कि इस पूरे मामले को रफा दफा किया गया है। चूंकि इन आरोपियों में से कुछ एक के रिश्ते नेताओं से भी है। यह नेता बिरलाग्राम थाने पर भी देखे गए थे।

इसे भी पढ़े :

birlagram-police-arrested-6-youths-with-illegal-weapons
सांकेतिक तस्वीर-फोटाे सोर्स फेसबुक

KAMLESH VERMA

https://newsmug.in

बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश दैनिक भास्कर और राजस्थान पत्रिका अखबार में सिटी रिपोर्टर पद पर कार्य चुके हैं.

Related post