बिहार और बाढ़ : उत्तर बिहार के 15 लाख लोग बाढ़ की जद में, 4 साल में 970 से ज्यादा लोगों की मौत

 बिहार और बाढ़ : उत्तर बिहार के 15 लाख लोग बाढ़ की जद में, 4 साल में 970 से ज्यादा लोगों की मौत

पटना. बिहार के लिए बाढ़ नई विपदा नहीं है. हर साल बिहार बाढ़ की त्रासदी देखता है. 23 जुलाई 2019 को लोकसभा में गृह मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि, साल 2016 से 2019 के बीच बाढ़ से 970 लोगों की जान जा चुकी है.

बाढ़ की परंपरा सालों से चली आ रही है. सरकारी मशीनरी हर साल दावे करती है, बाढ़ का पानी दावों को अपने साथ समेट ले जाता है. साल 2019 में आई बाढ़ ने करीब 139 लोगों को अपना ग्रास बना लिया था.

बिहार राज्य के 17 जिलों के करीब-करीब 1.71 करोड़ लोग बाढ़ से प्रभावित हुए थे. इतना ही नहीं 8.5 लाख लोग बेघर हो गए थे. करीब 8 लाख एकड़ में फैली धान की फसल बर्बाद हो गई थी.

चलिए जानते हैं आखिर हर साल बाढ़ क्यों आती है ?

दिनेश कुमार मिश्रा ने आईआईटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग कर चुके है. बिहार और बाढ़ को लेकर काम कर रहे हैं।बिहार की नदियों पर शोध कर रहे प्रोफेसर दिनेश कुमार मिश्रा एक दर्जन किताबें लिख चुके हैं. मिश्रा बाढ़ को आपदा नहीं मानते हैं. कारण उत्तर बिहार हिमालय से बेहद ही नजदीक है.

जहां से निकलने वाली नदियां विकराल रुप लेते हुए बिहार पहुंचती है और बाढ़ की शक्ल ले लेती है. यह नेचुरल प्रकिया है. सालों पहले बाढ़ से इतना नुकसान नहीं होता था, गांवों में पानी आता और निकल जाता था, लेकिन अब सरकार का कुप्रबंधन और गलत नीतियां बाढ़ की जिम्मेदार हैं.

चलिए तस्वीरों में देखें बिहार और बाढ़……………

bihar-and-floods-15-lakh-people-of-north-bihar-due-to-floods-more-than-970-people-died-in-4-years
दरभंगा.गांव में लोगों के कमर तक पानी जमा हो गया है।

तस्वीर दरभंगा जिले के एक गांव में पानी भर गया है. बाढ़ का पानी लोगों के कमर तक पहुंच रहा है. मिश्रा बताते है कि, सरकार ने नदियों के बहाव को रोकने के लिए बांधों का निर्माण तो करती है.

लेकिन यह नहीं सोच पाती कि, बांधों में जमा होने वाले पानी का होगा क्या ? नदियों का जलस्तर बढ़ने पानी बांध के ऊपर से निकलता है. जिससे बाढ़ की स्थिति निर्मित होती है.

bihar-and-floods-15-lakh-people-of-north-bihar-due-to-floods-more-than-970-people-died-in-4-years
गोपालगंज जिले में 400 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं।

शनिवार की गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर इलाके में सारण बांध दो जगह से टूटने के बाद ली गई है. बिहार सारण जिले के तरैया, मशरख और पानापुर में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है. बैकुंठपुर में दो जगह जमींदारी बांध टूट चुका है. शुक्रवार को गोपालगंज में गंडक नदी पर बना सारण बांध टूटने की तस्वीरें सामने आई थी.

bihar-and-floods-15-lakh-people-of-north-bihar-due-to-floods-more-than-970-people-died-in-4-years
मुजफ्फरपुर में एक युवक नाव के सहारे सुरक्षित स्थान पर पहुंचते हुए.

बिहार आपदा प्रबंधन ने 17 जिलों के डीएम को अलर्ट किया है. जिसमें किशनगंज, अररिया, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, मधुबनी, सीतामढ़ी, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, सहरसा, मधेपुरा, समस्तीपुर और खगड़िया शामिल है.

राहत कार्यों में जुटे एयर फोर्स के तीन हेलिकॉप्टर बाढ़ पीड़ितों के बीच भोजन के पैकेट गिरा रहे हैं. दो हेलिकॉप्टर दरभंगा और मोतिहारी में राहत कार्यों में जुटे हैं. गोपालगंज में राहत सामग्री की एयर ड्रॉपिंग की जा रही हैं.

KAMLESH VERMA

https://newsmug.in

Related post