शिव-पार्वती के साथ ही पितर देवता की पूजा करने का शुभ दिन अमावस्या

 शिव-पार्वती के साथ ही पितर देवता की पूजा करने का शुभ दिन अमावस्या

शिव-पार्वती के साथ ही पितर देवता की पूजा करने का शुभ दिन अमावस्या

सावन माह की अमावस्या 20 जुलाई 2020 को है, जिसे हरियाली अमावस्या कहते है. सोमवार को शुभ तिथि होने से इस बार हरियाली अमावस्या का महत्व बढ़ गया है. शिव-पार्वती के साथ ही पितर देवता की पूजा करने से पितरों को मोक्ष मिलता है.

नागदा-उज्जैन ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा ने बताया है कि, अमावस्या के दिन माता पार्वती, गणेशजी, कार्तिकेय स्वामी और नंदी का विशेष पूजन करने से घर में सुख-शांति आती है.

पूजन के दौरान में ऊँ उमामहेश्वराय नम: मंत्र का जाप आवश्यक रूप से करें. पार्वती माता को सुहाग की सामग्री चढ़ाए. भगवान शिव पर पंचामृत चढ़ाए. पंचामृत बनाते समय दूध, दही, घी, शहद और मिश्री जरूर मिलाए.

पितर देवताओं की पूजा करें | Worship the ancestors

अमावस्या के दिन पितरों के तर्पण, श्राद्ध कर्म करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. इस दिन मृत सदस्यों का पूजन करना चाहिए. पूजन करते समय पितरों के लिए धूप-ध्यान करना चाहिए. सावन माह प्रकृति को समर्पित है.
प्रकृति को जीवंत करने के लिए इस दिन एक पौधा आवश्यक रूप से लगाया जाना चाहिए. किसी मंदिर छायादार या फलदार पौधा लगाया जाना चाहिए. पौधे की सुरक्षा का संकल्प लेना चाहिए.

KAMLESH VERMA

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