बर्फीले पहाड़ में दबा मिला 54 साल पुराना अखबार

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फोटो: एएफपी

थोड़ा पीछे चलते है. 24 जनवरी 1966 की ओर. एयर इंडिया बोइंग 707 बॉम्बे आज का मुंबई लंदन के लिए उड़ान भरती है. इसी दिल्ली व बेरूत में रुकते हुए प्लेन जिनेवा की ओर जा रही थी.

इसी दौरान रास्ते में फ्रांस के मो ब्लां स्थ्ति पहाड़ से टकरा कर चकना चूर हो गई. दुर्घटना में विमान में सवार सभी 117 लोगों की मौत हो गई. मृतकों में भारतीय वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा भी शामिल थे.

लेकिन साल 1966 की बात आज क्यों बता रहे हैं?

कारण हाल ही में मो ब्लां पर बॉसोन के पिघलते ग्लेशियर से एक भारतीय अखबार की कुछ कटिंग मिली है. जिसके पन्नों पर 1966 में इंदिरा गांधी की जीत की खबर छपी है. मोरारजी देसाई की हार का जिक्र है. अखबार खोजने वालों की मानें तो 1966 में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया की बोइंग 707 में रखा अखबार है. जो सालों पहले बर्फीले पहाड़ में दब गया था.

बर्फ में दबी हुई नेशनल हेराल्ड और इकनॉमिक टाइम्स जैसे भारतीय अखबरों की भी कॉपी मिली है. कॉपी टिमोथे मोतिन को मिली हैं. मोतिन 1350 मीटर उंचे पहाड़ पर शैमोन स्कीइंग हब नाम से कैफे चलाते हैं. मोतिन का कैफे बॉसोन ग्लेशियर से कुछ कदमों की दूरी पर है.

न्यूज़ एजेंसी एफपी को दिए गए इंटरव्यू में टिमोथे ने बताया है कि –

अखबार के कागज अब सूख रहे हैं, इस स्थिति में है कि, आप उसे पढ़ सकते हैं. अखबारों की कॉपी मिलना असामान्य बात नहीं है. कॉपी सूखने के बाद मैं इन्हें अपने रिज़ॉर्ट में संग्रह के तौर पर रखूंगा. टिमोथे के अनुसार यह पल उनके लिए बेहद खुशी का पल है. अखबार पहाड़ में 60 सालों से दबे थे.