रेलवे बोर्ड की 1.40 लाख वैकेंसीज:दो साल से अटकी सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा को बिहार और मप्र के चुनाव से जोड़ रहे कैंडिडेट्स

 रेलवे बोर्ड की 1.40 लाख वैकेंसीज:दो साल से अटकी सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा को बिहार और मप्र के चुनाव से जोड़ रहे कैंडिडेट्स

बिहार गोपालगंज जिले के गांव ऊंचकागांव में रहने वाले सुनील कुमार ने इस उम्मीद के साथ रेलवे का फॉर्म भरा था कि सरकारी अफसर बन जाऊंगा तो घर की आर्थिक स्थिति सुधर जाएगी। रेलवे की परीक्षा में हुई देरी के चलते नौकरी पाने की आस छोड़ चुके थे। कारण हर बार फार्म भरने पर पैसे खराब होना। यह पीड़ा सिर्फ सुनील कुमार की नहीं है, बल्कि, उन लाखों कैंडिडेट्स की है, जिन्होंने सरकारी जॉब का सपना पूरा करने के लिए फरवरी, 2019 में आवेदन किया था। कई तो ऐसे भी है, जिनकी परीक्षा का इंतजार करते हुए उम्र ढलती जा रही है। अचानक परीक्षा की तारीख घोषित करने के पीछे सरकार का मनसूबा क्या है।

कितने मार्क्स की होगी परीक्षा

CBT 1

जनरल अवेयरनेस 40
मैथ्स 30
जनरल इंटेलिजेंस एंड रीजनिंग विषय 30
कुल परीक्षा के अंक 100
समय सीमा 90 मिनट

ऐसे हालात में तो खेती-बाड़ी करना ही ठीक

मध्य प्रदेश  उज्जैन निवासी राजेश वर्मा बताते है कि इस बार भी परीक्षा हो जाए तो अजूबा होगा। कोरोना महामारी के दौर में परीक्षा की तिथियों को लेकर गफलत है। एमपी में होने वाले उपचुनाव में राज्य के बेरोजगार युवाओं का अपनी ओर ध्यान केंद्रित करने के मकसद से यह तिथि जारी की गई है।

कई बार परीक्षा दे चुके राजेश का तर्क है कि सरकार को परीक्षा आयोजित ही नहीं करना है, तो सीधा बता दें। जिससे इन परीक्षाओं की तैयारियों में लगने वाला समय और फार्म के रुपए  बर्बाद ना हो। राजेश का तर्क है कि घर पर रह कर खेती-बाड़ी करना ही ठीक रहेगा।

CBT 2

जनरल अवेयरनेस 50
मैथ्स 35
जनरल इंटेलिजेंस एंड रीजनिंग विषय 35
कुल परीक्षा के अंक 120
समय सीमा 90 मिनट

चुनावी फायदे के लिए जारी हुई तारीख

रेलवे और बैंकिंग दोनों की तैयारी कर रही शीतल शर्मा बताती है कि साल 2018 में आई वैकेंसी ने उम्मीद जगाई थी कि साल 2019 तक हम जॉब ज्वाइन कर लेंगे। चुनाव के चलते परीक्षा तिथि को टाल दिया गया। सरकार परीक्षा को लेकर बहाने बनाती रही।फिर कोरोना आने के बाद हमारी पढ़ाई रुक सी गई।​​​​​​​ सरकार भी यह जानती है कि यहां के कई लोग रेलवे के लिए तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा सोशल मीडिया प्रेशर के चलते भी यह फैसला लेना पड़ा, वरना सरकार तो अभी भी सोई ही हुई है। परीक्षा की तिथि महज चुनावी फायदे के लिए जारी की गई है।

कैटेगरी- वाइज मार्क्स डिस्ट्रीब्यूशन

वर्ग मार्क्स
जनरल 40%
ईडब्ल्यूएस 40%
ओबीसी (नॉन क्रीमी लेयर) 30%
एससी 30%
एसटी 25%

सोशल मीडिया पर कैंपेन के दबाव में जारी हुई डेट

साल 2015 से रेलवे में नौकरी के लिए तैयारी कर रही राधा सोनी बताती है कि परीक्षा को लेकर सरकार के रवैये को देखकर लग रहा था वह परीक्षा कराने के मूड में नहीं है। लेकिन, सोशल मीडिया पर लगातार विरोध और बिहार चुनाव के चलते सरकार ने इसकी सुध ली है। बिहार में BPSC, बिहार महिला पुलिस कांस्टेबल समेत 7-8 परीक्षा होने वाली है, सरकार पॉलिटिकल मुद्दे की तरह उपयोग कर रही है।

1-40-lakh-vacancies-of-railway-board-candidates-linking-bihar-and-madhya-pradesh-elections-with-the-biggest-recruitment-exam-stuck-for-two-years

KAMLESH VERMA

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