विपदा आने पर खीर भवानी के कुंड का पानी हो जाता है काला

0
16

खीर भवानी मंदिर से जुडी रौचक जानकारी | History of Kheer Bhawani Mandir in Hindi | Kheer Bhawani Mandir History in Hindi | Kheer Bhawani Mandir Ka Itihaas

खीर भवानी मंदिर कश्मीर के श्रीनगर से 14 किलोमीटर दूर तुलमुल गांव में स्थित. भवानी मंदिर एक प्रसिद्ध मंदिर है. माता दुर्गा के भावानी रूप को समर्पित मंदिर पानी के एक कुंड के बीचो बीच स्थित है. स्थानीय लोगों की मान्यता है कि देवी पहले रावण से राज्य लंका में विराजित थी. जिसके बाद हनुमानजी द्वारा लंका से तुलमुल गांव ला गया था.

हनुमान जी ने मूर्ति स्थानांतरित की थी

मंदिर को लेकर क्षेत्र में मान्यता है कि, रावण से नाराज होकर श्रीलंका से श्रीनगर चली आई थी देवी. किदंवती है कि, रावण देवी का परम भक्त था जिसके चलते देवी खीर भवानी मंदिर की स्थापना श्रीलंका में रावण द्वारा ही की गई थी. लेकिन रावण की दुष्ट प्रवृत्ति के कारण माता रावण से नाराज हो गई. जिसके बाद माता ने हनुमान को आदेश दिया कि, वह उनकी मूर्ति अन्यत्र स्थापति करें. जिसके बाद पवनपुत्र हनुमान ने मूर्ति को तुलमूल गांव में स्थापित कर दिया.

काला हो जाता है कुंड का पानी

मंदिर की खास बात यह है कि, जब भी क्षेत्र में कोई भी प्राकृतिक आपदा के आने से पहले मंदिर के कुंड का पानी काला पड़ जाता है. स्थानीय लोग कुंड के पानी को देखकर अंदाजा लगाते हैं कि, क्षेत्र में किसी प्रकार की कोई विपदा आने वाली है. देवी माता को हर वसंत ऋतु में खीर चढ़ाई जाती है, जिसके चलते माता का नामा खीर भवानी पड़ा.

मंदिर में शुक्ल पक्ष अष्टमी के अवसर पर एक वार्षिक उत्सव मनाया जाता हैं. इस विशेष दिन भक्त उपवास रखते हैं और देवी की पूजा- अर्चना के लिए मंदिर में इकट्ठा होते हैं. इसी तरह ज्येष्ठ अष्टमी (मई-जून) में लोग देवी के दर्शन के लिए आते हैं. रागनी देवी को प्रसन्न करने के लिए ‘महा यज्ञ’ के साथ त्यौहार का समापन होता हैं.

When the calamity comes, the water of Kheer Bhavani's tank turns black

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here