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PFMS क्या है ? यह कैसे कार्य करता है ? शुरुआत कब हुई ?

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PFMS क्या है ? यह कैसे कार्य करता है ? What is PFMS? How it works ?

लॉकडाउन 3.0 के दिनों में PFMS शब्द काफी प्रचलित हुआ है. खासकर कोरोना काल में, देश की राज्य सरकारों ने संकट में फंसे प्रवासी मजदूरों के खातों में आर्थिक सहायता राशि PFMS System  द्वारा ही भेजी है. PFMS को पूर्व में CPSMS (Central Plan Scheme Monitoring System) के नाम से जाना जाता था.

सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली की शुरुआत सरकार ने भारत Digitization campaign के अंतर्गत साल 2016 में की थी. लेकिन अभी भी बहुत से लोग ऐसे हैं जो इस प्रणाली से अनभिज्ञ हैं. इसलिए हम पोस्ट के माध्यम से पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ी सभी जानकारी आपसे साझा करेंगे.

PFMS का फुलफार्म- Public financial management system या सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली

PFMS क्या है ? What is PFMS?

पीएफएमएस एक सरकारी जाल तंत्र है. इस माध्यम से केंद्र या राज्य शासन द्वारा पात्र हितग्राहियों को सब्सिडी या फिर किसी प्रकार के अन्य धनलाभ को सीधे बैंक खाता में भेजा जाता है.

जरूरतमंदों को सीधे तौर पर शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाने के चलते PFMS Scheme की शुरुआत की गई. दूसरे शब्दों में कहा जाए तो एक Automatic system होता है, जिसका उपयोग शासन द्वारा किसी अन्य के दखल बिना हितग्राही के खातों में रुपए भेजती है.

System से एक क्लिक कर लाखों लोगों के Bank accounts में रुपए भेज जा सकते है. लॉकडाउन 0.1 के दौरान महिलाओं के खातों में 500 रुपए की आर्थिक मदद इसी माध्यम से भेजी गई.

PFMS शुरुआत कब हुई ? When did PFMS start?

भारत सरकार ने Digital India अभियान के अंतर्गत साल 2016 में इसकी शुरुआत की. फाईनेंस मिनिस्ट्री और Planning commission के आपसी समन्वय के बाद योजना को धरातल पर लाया गया. जिसके बाद से दोनों के कार्यों में सरलता आई. भष्ट्राचार पर भी लगाम लगी.

PFMS सिस्टम के अंतर्गत हितग्राहियों के खातों में डाली जाने वाली राशि को डीबीटी कहा जाता है. DBT की शुरुआत 1 जनवरी 2013 को हुई थी. डीबीटी का फूलफार्म Direct bank transfer हैं.

कैसे काम करता है ? How does PFMS work?

उन खाता धारकों पर प्रभावी रहता है. जिनके बैंक खातों के साथ आधार कार्ड, मोबाइल नंबर लिंक हो. आशा करते है आपने अपने आधार को बैंक से लिंक करवा लिया होगा.

12 मई 2020 लॉकडाउन 3.0 के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों को दिए गए संबोधन में JAM शब्द को जोड़ा है. जिसका अर्थ जनधन, आधार और मोबाइल है. PFMS साफटवेयर है.

प्लानिंग कमीशन यानी NITI Aayog द्वारा देश के सभी लोगों का डाटा इस सॉफटवेयर में अपलोड किया जाता है. ताकि जरूरतमंद हितग्राही को इसका लाभ दिया जा सके.

स्कूली बच्चों की Scholarship भी इसी Software के माध्यम से भेजी जाती है. जिन बच्चों के आधार नंबर और परिजनों के मोबाइल नंबर ठीक प्रकार से मिलान नहीं होते Software उन्हें लाभ नहीं दे पाता.

PFMS के अंतर्गत आने वाले हितग्राही | Beneficiaries covered under PFMS

भारत सरकार द्वारा PFMS के अंतर्गत विभिन्न के लोगों के बैंक खातों में राशि भेजी जाती है.जैसे-

  • प्रधानमंत्री आवास योजना
  • उज्वला गैस सिलेंडर योजना सब्सिडी
  • वृद्धा एवं विधवा पेंशन
  • किसान को दिए गए ऋण माफी के रुपए
  • विद्यार्थियों को दिए जाने वाली छात्रवृत्ति
  • मनरेगा में कार्य करने वाले मजदूरों का मानदेय
  • COVID-19 के दौरान पात्रों को दिए जाने वाले हितलाभ

 

सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली के लाभ

  1. यह E-payment system होता है, सभी प्रकार के अधिकार नीति आयोग के पास सुरक्षित रहते है. अत: किसी प्रकार की कोई छेड़छाड़ संभव नहीं है.
  2. शहरी नगरीय निकाय और ग्रामीण पंचायतों के वृद्ध व विधवा हितग्राहियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से राशि भेजी जाती है.
  3. MANREGA के अंतर्गत कार्य करने वाले असाक्षर मजदूरों को दिए जाने वाले रुपयों से धांधली का समाप्त होना.
  4. उज्वला या अन्य योजनाओं की सब्सिडी के लिए विभागीय चक्करों से छुटाकरा.

इसे भी पढ़े :

1. आवेदन पत्र क्या होते हैं उदाहरण सहित।
2.कोरोना संकट में राशन नहीं मिलने पर आवेदन पत्र।

 

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