ट्रेन में परिजनों से बिछड़े बच्चों को मिलवाएगा ट्रोल फ्री नंबर

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स्टेशन परिसर में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर रखें नजर

सुरेश रघुवंशी / नागदा. रेलवे स्टेशन परिसर व ट्रैन गुम हुए बच्चे अब जल्द ही परिजनों तक पहुंच सकेंगे. कारण राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा एक निर्देश जारी किया गया है. जिसका उद्देश्य है कि, कोई बिछड़ा हुआ, घर से भागा हुआ, प्रताडि़त, अगवा किया हुआ बच्चा किसी बदमाश के चुंगल में ना फंस सके.

उक्त बच्चों की सहायता के लिए 100 (पुलिस),1098 (चाइल्डलाइन) व 182 (भारतीय रेल सुरक्षा हेल्पलाइन) पर जानकारी दे सकते हैं. जानकारी कोई भी सामान्य व्यक्ति दे सकेगा. जिसकों लेकर सोमवार को आरपीएफ थाना परिसर पर शहर की सामाजिक संगठन की महिलाओं को लेकर एक बैठक आहुत की गई.

जिसमें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के उद्देश्यों को आमजनों तक पहुंचाने के संबंध में चर्चा की गई. उपस्थितों को संबोधित करते हुए आरपीएफ एसआइ सूर्यभान सिंह ने बताया कि, यदि स्टेशन पर कोई बच्चा, महिला या वृद्ध मायूस दिखे तो संबंधित के साथ मौजूदा लोगों की गतिविधियों को ध्यान से देखे। गतिविधि असामान्य लगने पर इसकी सूचना उपरोक्त नंबरों पर दें.

#मुख्यालय से पहुंचेगी जानकारी

बच्चों के साथ बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों पर अकुंश लगाए जाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा मुहिम शुरु की गई है. जिसमें रेलवे सुरक्षा हेल्पलाइन को भी शामिल किया गया है. सोमवार को आहुत की गई बैठक उद्देश्य शहरवासियों को जागरुक करना था. उपरोक्त नंबरों पर शिकायत करने की संपूर्ण जानकारी शिकायती नंबर के मुख्यालय पर पहुंचेंगी. बताई गई लोकेशन के आधार पर संबंधित क्षेत्र में लगने वाला आरपीएफ थाना पीडि़त तक पहुंच सकेगा.

#इन गतिविधियों पर दें ध्यान

बैठक में जानकारी देते हुए एसआइ सूर्यभानसिंह ने बताया कि, यदि कोई बच्चा मायूस दिखे, स्टेशन पर परेशान मुद्रा में दिखें, या किसी बड़े व्यक्ति के साथ होने के बावजूद घबराया हुए दिखे तो इसकी सूचना दिए गए नंबरों दी जा सकती है. उक्त शिकायती नंबर ट्रेनों में होने वाल महिला अपराधों के लिए भी कारागर रहेगा.

Troll free number will be introduced to children separated from family members in train
नागदा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं का समूह।

 

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