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मोदी सरकार की नीतियों के विरोध में आज भारत बंद, क्या आप जानते है यह सब कर कौन रहा है?

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मोदी सरकार की नीतियों के विरोध में आज भारत बंद, क्या आप जानते है यह सब कर कौन रहा है? India closed today in protest against the policies of Modi government, do you know who is doing all this?

केंद्र सरकार द्वारा अपनाई गई कुछ नीतियों के विरोध में 8 जनवरी 2020 को भारत बंद का आवाह्न किया गया है. ताकि देश की बैंकिंग, ट्रांसपोर्ट से लेकर अन्य सुविधाओं पर व्यापक असर पड़ सके. भारत बंद का आवाह्न देश के करीब 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियन (CTUs) ने किया है. उक्त लोगों का मानना है कि, करोड़ों की संख्या में लोग इस भारत बंद का समर्थन करते हुए हिस्सा लेंगे.

आखिर क्यों लिया गया बंद का ये फैसला?

दरअसल आठ जनवरी, 2020 के दिन भारत बंद का आवाह्न किए जाने के पीछे CTUs- INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF और UTUC ने एक साझा बयान जारी किया है. जिसमें उल्लेख किया गया है कि, केंद्र सरकार की एंटी-वर्कर, एंटी-पीपल, एंटी-नेशनल नीतियों के विरोध में आठ जनवरी, 2020 के दिन भारत बंद किया जाएगा. हम आशा करते है कि, भारत देश के तकरीबन 25 करोड़ कार्यरत लोग बंद का समर्थन करेंगे.

CITU, इसका मतलब यह है कि, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स ने प्रेस बयान जारी करके स्ट्राइक के बारे में तमाम जानकारी सावर्जनिक की है. जिसमें बताया गया है कि, बीते दो जनवरी, 2020 के दिन लेबर मिनिस्ट्री के साथ एक बैठक हुई थी. बैठक के दौरान वर्कर्स की मांगें रखी गई, परेशानी यह है कि, मिनिस्ट्री इन मांगों को नहीं माना.

प्रेस रिलीज में कहा गया है कि, भारत सरकार देश की बिगड़ी हुई अर्थव्यवस्था को संभालने में नाकाम रही है. वह PSUs के प्रायवेटाईजेशन और उन्हें बेचने में व्यस्त है. देश के 12 एयरपोर्ट को पहले ही बेच दिया गया है, एयर इंडिया को 100 फीसदी बेचने का फैसला लिया जा चुका है, हाल ही में BPCL को बेचने का फैसला लिया गया, BSNL-MTNL के मर्जर की घोषणा कर 93600 टेलीकॉम कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया.

भारतीय रेलवे के निजीकरण के लिए आए दिन नए-नए स्टेप लिए जा रहे हैं. बैंक में कार्यरत कर्मचारियों के विरोध के बावजूद बैंकों का जबरजस्ती मर्जर किया जा रहा है. FDI पर पूरे जोरों शोरो से काम हो रहा है, पावर और सड़क ट्रांसपोर्ट का भी निजीकरण किया गया है. उक्त नीतियों के विरोध में हम भारत बंद कर रहे हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 60 स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशनों भारत बंद के इस स्ट्राइक को जॉइन कर समर्थन किया दिया है. इतना ही नहीं कई किसान यूनियन भी इस बंद के समर्थन में आ रहे हैं. ऑल इंडिया बैंक इम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA), बैंक इम्प्लॉइज़ फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI), इंडियन नेशनल बैंक इम्प्लॉइज़ फेडरेशन (INBEF) और इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (INBOC) ने भी बीते माह में बंद के सपोर्ट में एक सर्कुलर जारी कर दिया था.

सबसे ज्यादा असर पड़ेगा?

बंद से बैंकों और ट्रांसपोर्ट पर सबसे अधिक असर दिखाई देगा. आठ जनवरी 2020 को ही JEE  मेन्स की परीक्षा है. ट्रांसपोर्ट सुविधाओं पर असर पडऩे के कारण परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. पूर्व में कहा जा रहा था कि शायद परीक्षा की तिथि आगे कर दी जाए, लेकिन नहीं हो सकी. भारत बंद के कारण दूध सप्लाई, दवाइयां, एंबुलेंस और अस्पताल से जुड़ी सेवाओं पर असर नहीं पड़ेगा.वहीं ICAR NET की परीक्षा की तारीख आगे बढ़ा दी गई.

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मुंबई में स्ट्राइक पर बैठे कर्मचारी. भारत बंद के लिए छपा पोस्टर.

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