अयोध्या फैसले के बाद से दो माह तक धार्मिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं

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अयोध्या फैसले के बाद से आगामी दो माह तक धार्मिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं | Religious program not allowed for two months after Ayodhya verdict

नागदा। अयोध्या के फैसले के चलते अब पुलिस प्रशासन ने गांव-गांव व कस्बों का दौरा प्रारंभ कर दिया। पुलिस प्रशासन द्वारा लोगों को समझाईश दी जा रही है कि फैसले के बाद शांति बनाई रखे। मंगलवार शाम को आईजी राकेश गुप्ता, एसपी सचिन अतुलकर ने नागदा पहुंचकर शांति समिति की बैठक आयोजित कि।

बैठक सर्किट हाउस पर शाम 6 बजे प्रारंभ हुई। लगभग ढेड़ घंटे तक चली बैठक में आईजी व एसपी ने लोगों से शांति बनाए रखे की अपिल करते चेतावनी भी दी है कि यदि किसी ने भी शहर की फिजा बिगाडऩे का प्रयास किया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई कि जाएगी।

बैठक में एएसपी अंतरसिंह कनेश, सीएसपी मनोज रत्नाकर, एसडीएम आरपी वर्मा, डीई नेहा शुक्ला, नायब तहसीलदार सलोनी पटवा, प्रभारी डॉक्टर कमल सोलंकी, मौजूद थे। बैठक में आईजी ने समिति के सदस्यों से सुझाव भी मांगे। संचालन सुरेंद्र मीणा ने किया। आभार सीएसपी रत्नकार ने माना।

#यह दिए आदेश

बैठक में आईजी ने कहा कि अयोध्या फैसले के बाद से आगामी दो माह तक किसी भी संगठन व समाज को कोई नए धार्मिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं दि जाएगी। पूर्व से चले आ रहे कार्यक्रम निरंतर चलते रहेगे। किसी भी मांगलिक व धार्मिक कार्यक्रम के लिए अनुमति लेना होगी। फैसले को लेकर को भी व्यक्ति किसी भी प्रकार टिप्पणी नहीं करेगा। फैसले के पूर्व शहर में फ्लैग मार्च निकाला जाएगा।

शहर के विभिन्न वार्ड व कस्बे में बीट प्रभारी व पुलिस के आला अधिकारियों के मोबाईल नंबर अंकित कि जाएगे। ताकि कोई घटना घटना करने पर सूचित किया जा सके। बैठक के दौरान हिंदू जागरण मंच के प्रांतीय उपाध्यक्ष भेरुलाल टांक, असंगठित कामगार बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सुल्तानसिंह शेखावत, कांग्रेस के जिला कार्यकारी अध्यक्ष सुबोध स्वामी, मुस्लिम समाज के वरिष्ट अब्दुल हमीद, रहमत अली, अभिभाषक लईक एहमद अंसारी, व्यापारी संघ के मनोज राठी, दिनेश अग्रवाल आदि ने सुझाव दिए।

#यह थे मौजूद

बैठक में नपा के पूर्व उपाध्यक्ष रामसिंह शेखावत, साधना जैन, पार्षद रेखा मालवीय,बजरंग दल के मोनू टक्कर, गोपाल सलूजा, कांग्रेस नेता अजय शर्मा, हनुमान प्रसाद शर्मा, राजेंद्र चौधरी, पार्षद जगदीश मिमरोट, मनोज राठी बारदानवाला, सुनील गुर्जर आदि मौजूद थे।

Religious program not allowed for two months after Ayodhya verdict