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5+ Best राहत इंदौरी की दिल को छू जाने वाली शायरी | Rahat Indori’s poetry

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राहत इंदौरी की दिल को छू जाने वाली शायरी | Rahat Indori’s heart touching poetry

हिंदुस्तान के मशहूर शायर राहत इंदौरी पहचान के मोहताज नहीं है. शायरी और गजलों की दुनियां के खुदरंग शायर इंदौरी ने युवाओं को प्रेम की शारियों का पाठ पढ़ाया है. हर आयु वर्ग के दिलों पर राज करने वाले राहत इंदौरी की कुछ शायरी हम लेकर आएं है. जिसे आप अपने मित्रों और ईष्टजनों को वाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर कर उनके चेहरे पर मुस्कुराहट ला सकते हैं.

राहत इंदौरी राजनीति शायरी | Rahat indori politics shayari

झूठों ने झूठों से कहा हैं सच बोलो…2
सरकारी ऐलान हुआ हैं……..
घर के अंदर झूठों की एक मंडी हैं..2
दरवाजे पर लिखा हुआ है सच बोलों
गुलदस्ते पर फूल नहीं हैं…..2
गुलदस्ते पर यज्ञजहती लिखा हुआ है….2
गुलदस्ते के अंदर क्या है सच बोलों
गंगा मैया…………..डूबने वाले अपने थे..2
नाव में किसने छेद किया सच बोलो……

राहत इंदौरी बेस्ट शायरी |  Rahat indori best shayari

साहब अगर खिलाफ हैं……होने दो.. जान थोड़ी है….2
ये सब..धुआं हैं…कोई आसमान थोड़ी है..2
लगेगी आग..तो आएंगे घर कई जद में..2
यहां पे सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है…2
मियां हमारे मुंह से जो निकलने वहीं सदाकत है.
हमारे मुंह में तुम्हारी जुबान थोड़ी है….2
और मैं जानता हूं, कि दुश्मन भी कम नहीं
लेकिन हमारी तरह हथेली पर जान थोड़ी है….2
और जो आज…साहेबे मसनद है..कल नहीं होंगे…2
किराएदार हैं..जाती मकान थोड़ी है…2
सभी का खून है शामिल है इस मिट्टी है…2

किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है….2

मोहब्बत राहत इंदौरी शायरी | Love relief indori shayari

किसने दस्तक दी..ये दिल पर….2
कौन हैं-आप तो अंदर है..बाहर कौन है–2
साहब शहरों में तो बारुदों का मौसम है.
गांव चलो ? ये अमरूदों का मौसम है–2
सुनो राज जो कुछ हो, ईशारों में बता भी देना.
हाथ जब उससे मिलाना तो दबा भी देना.
साहब वैसे इस खत में वैसे कोई बात नहीं है.
फिर भी एतिहातन इसे पढ़ लो तो जला भी देना.
मेरी सांसों में समाया भी बहुत लगता है.
और वहीं शख्क पराया भी बहुत लगता है…2
और उससे मिलने की तमन्ना भी बहुत है.
लेकिन आने जाने में किराया भी बहुत लगता है..2

राहत इंदौरी की मशहूर शायरी हिंदी में | Rahat Indori’s famous poetry in Hindi

मैं जब मरजाऊं….तो मेरी अलग पहचान लिख देना….2
लहू पें मेरी पेशानी पर हिंदुस्तान लिख देना..

राहत इंदौरी बेस्ट शायरी |  Rahat indori best shayari

फैसला जो कुछ हो मंजूर होना चाहिए…2
जंग हो या ईश्क हो, भरपूर होना चाहिए.
कट चुकी है उम्र सारी जिनकी पत्थर तोड़ते-तोड़ते.
अब तो इन हाथों में कोहीनूर होना चाहिए…2
हम अपनी जान के दुश्मन को जान कहते हैं..
मुहब्बत की इसी मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं.

जो ये दीवार का सुराग है, साजिश का हिस्सा है..2
मगर हम इसकों अपने घर का रोशनदान कहते हैं.
जो दुनिया को सुनाई दे उसे कहते है खामोशी है.
जो आंखों में दिखाई दें उसे तूफान कहते है…2

राहत इंदौरी बेस्ट शायरी |  Rahat indori best shayari

मेरे अंदर से एक-एक करके सब कुछ हो गया रुकसत.
मगर एक चीज बाकि है, जिसे ईमान कहते हैं.
सिर्फ खंजर ही नहीं, आंखों में पानी चाहिए.
ऐ खुदा दुश्मन भी मुझे खानदानी चाहिए….2
मैनें अपनी खुश्क आंखों से लहू छलका दिया.
एक समंदर कह रहा था, मुझकों पानी चाहिए..2
सूरज, सितारे, चांद मेरे साथ में रहे.
जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहें…
और साखों से टूट जाएं वो पत्ते नहीं हैं हम.
आंधी से कोई कह दें कि औकात में रहें…2

राहत इंदौरी बेस्ट शायरी |  Rahat indori best shayari

जो तौर है दुनिया का उसी तौर से बोलों…2
बहरों का इलाका हैं, जरा जोर से बोलों.
दिल्ली में हमी बोला करें, अमन की बोलीं.
यारों कभी तुम लोग भी लाहोर से बोला करों..
सबकों रुसवा बारी-बारी, हर मौसम में फतवे जारी किया करो.
रोज वहीं एक कोशिश जिंदा रहने की.
मरने भी कुछ तैयारी किया करो…2
चांद ज्यादा रोशन है तो रहने दों..
जुगूनू भैया आंखे भारी नहीं किया करों.

राहत इंदौरी बेस्ट शायरी |  Rahat indori best shayari

अंधेरे चारों तरफ साएं-साएं करने लगे.
चिराग हाथ उठाकर दुआएं करने लगे.
सलीखा जिनकों सीखायां था हमनें चलने.
वो लोग हमें आज दाएं बाए करने लगें.
तरक्की कर गए, बीमारियों के सौदागर.
ये सब मरीज हैं, जो दवाएं करने लगे.
अजीब रंग था मजलीश का, खूब महफील थी.
शरीफ लोग उठे, कायं-कायं करने लगे.

राहत इंदौरी बेस्ट शायरी |  Rahat indori best shayari

कहा है कि, कभी अकेले में मिलकर झंझोड़ दूंगा.
जहां-जहां से टूटा है, जोड़ दूंगा.
मुझे वो छोड़कर गया, ये कमाल है उसका.
इरादा मैंने किया कि, छोड़ दूंगा.
पसीने बांटता है ये जो सूरज.
कभी मिला तो नीचौड़ दूंगा मैं.

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