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नागदा : शिवरात्री मेले में दुकान आवंटन को लेकर विरोध

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शिवरात्री मेले में दुकान आवंटन को लेकर विरोध | Protest against allocation of shop in Shivratri fair निलामी प्रकिया में व्यापारियों ने नहीं लिया भाग, नपा द्वारा दर में वृद्धि करने से नाराज व्यापारी

नागदा। चंबल तट स्थित प्राचीन मुक्तेश्वर महादेव मंदिर पर आयोजित होने वाले सात दिवसीय महाशिवरात्री मेले प्रारंभ होने से पूर्व विरोध में घिर गया। नपा प्रशासन द्वारा इस वर्ष मेले में दुकान आवंटन को लेकर किए गए बदलाव से नाराज व्यापारियों ने बुधवार को निलाम प्रकिया का विरोध करते हुए बहिष्कार कर दिया।

नपा ने बुधवार दोपहर 2 बजे मेला परिसर में दुकान के आवंटन को निलामी रखी थी। नपा ने जब प्रकिया प्रारंभ कि तब व्यापारी प्रकिया में शामिल तो हुए लेकिन बोली नहीं लगाई। नपा द्वारा दुकान के किराए में कि गई वृद्धि के विरोध में व्यापारियों ने निलामी प्रकिया का विरोध किया ।

दर में की गई वृद्वि को लेकर व्यापारियों ने आपत्ती दर्ज कराई लेकिन नपा अधिकारी ने आपत्ती को दरकिनार कर निलामी प्रकिया प्रारंभ रखी। नतीजन एक भी दुकान का आवंटन नहीं हो पाया। व्यापारियों का कहना था कि गत वर्ष के शुल्क में 500 रूपए की बढ़ोत्तरी कर निलामी प्रकिया पूर्ण की जाए।

क्यों कर रहे व्यापारी विरोध

नपा ने इस वर्ष से मेले में लगने वाली दुकाने, झूले-चक्करी, रेस्टोरेंट, सायकल स्टैंड के किराए में वृद्धि कर दी। नपा ने प्रत्येक दुकान को निलाम करने का निर्णय लिया। जिसके लिए 5 रु स्कोयर फीट प्रतिदिन की राशि तय कि गई।

साथ ही लाईट व वाहन के चार्ज अलग निर्धारित किए गए। इस मान से एक व्यापारी को 10 फीट की दुकान 500 रु प्रतिदिन के हिसाब से 3500 रु साथ ही 500 रु बिजली उसमें भी महज 1 टूयूबलाईट 2 टुयूबलाईट के 1000 रु तथा 500 रु वाहन का चार्ज पूर सात दिन के लिए निर्धारित किया गया।

इस के अनुसार एक व्यापारी को 10 फीट की दुकान लगभग 5 से 6 हजार रु मिल रही है। नपा ने ठेलागाड़ी पर व्यापार करने वाले व्यापारी के लिए 200 रु प्रतिदिन तथा झूले-चक्करी के लिए 20 हजार रु किराया निर्धारित किया गया। इन बढ़ोतरी को लेकर व्यापारियों ने विरोध किया।

अभी तक इतना लग रहा था किराया

शिवरात्री पर मेले का आयोजन प्रतिवर्ष नपा द्वारा आयोजित किया जाता है। नपा प्रतिवर्ष लगभग 82 से 83 दुकान व एक दर्जन झूले-चक्करी का आवंटन करती है। नपा प्रत्येक दुकान से प्रतिवर्ष किराए में 100 से 200 रु तक की बढ़ोतरी करती आई है। गत वर्ष 1000 रु पूरे मेले का निर्धारित किया गया था। जबकि झूले व चक्करी वाले से 5 हजार रु लिए जा रहे थे।

38 वर्ष में पहली बार बदले गए आवंटन के नियम

शहर में शिवरात्री मेले की शुुरुआत वर्ष 1960 के दशक में प्रारंभ हुई थी। उस समय बालेश्वर दयाल जायसवाल, नरसिंग सेठिया आदि व्यापारियों द्वारा मुक्तेश्वर महादेव मंदिर समिति के माध्यम से मेला लगाया जाता था।

वर्ष 1982 में जब बालेश्वर दयाल जायसवाल नपा अध्यक्ष बने थे तब उन्होने से यह आयोजन नपा के माध्यम से करना प्रारंभ कर दिया। तब से निरंतर नपा द्वारा मेले का आयोजन किया जा रहा है। पहले यह मेला महज तीन दिन का लगता था। लेकिन अब सात तक लगता है। इन 38 वर्ष में पहली बार ऐसा हुआ जब दुकाने के आवंटन को लेकर विरोध हुआ।

व्यापारियों ने की शिकायत

मेले में दुकान आवंटन को लेकर बदले गए नियम व निलामी प्रकिया के विरोध में व्यापारियों ने विरोध किया और लिखित में शिकायत भी कि। व्यापारियों ने कलेक्टर, एसडीएम, विधायक व नपा सीएमओ को लिखित में शिकायत की है। व्यापारियों का कहना है कि गत वर्ष के किराए में 500 रु कि वृद्धि कर दि जाए। निलामी प्रकिया में नागदा, रतलाम, उज्जैन से भी व्यापारी आए थे। व्यापारियों ने कलेक्टर को फोन पर भी शिकायत की।

नहीं हो सका सायकल स्टैंड का ठेका

मेले में निलामी की शुरूआत साइकिल स्टैंड से हुई, जिसमें 6 व्यापारियों ने 20-20 हजार रूपए अमानत राशि भी जमा कराई। सायकल स्टैंड कि बोली 72 हजार रु तक लगी लेकिन ठेका नहीं हुआ। अब नपा द्वारा गुरुवार को पुन: निलामी प्रकिया कि जाएगी।

मेले में दुकानों का आवंटन बुधवार को नहीं हो सका। निलामी प्रकिया में व्यापारियों भाग नहीं लिया। अब गुरुवार को पुन: निलामी कि जाएगी।
सतीश मटसेनिया,मुख्य नपा अधिकारी, नागदा

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