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नामचीन बदमाश पर पुलिस मेहरबान,6 माह बाद भी गिरफ्त से दूर

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नामचीन बदमाश पर पुलिस मेहरबान,6 माह बाद भी गिरफ्त से दूर | Police clemency on a famous crook, 6 months away from arrest

नागदा। प्रदेश में इन दिनों कमलनाथ सरकार द्वारा भूमाफियाओं व बदमाशों पर कार्यवाही कर जनता के सामने छवि बना रही है। लेकिन नागदा शहर में पुलिस प्रशासन कई नामचीन बदमाश पर मेहरबान है। एक जमीन पर कब्जे को लेकर एक व्यापारी पर प्राणघात हमला करने वाले एक बदमाश को पुलिस 6 माह बाद भी गिरफ्तार नहीं कर पाई।

यहां तक कि पुलिस ने फरार आरोपी सलमान लाला पिता शेरु लाला पर 10 हजार कर ईनाम भी घोषित कर रखा है। पुलिस व स्थानीय प्रशासन ने इस आरोपी की संपत्ति पर भी कोई कार्यवाही नहीं कि। इधर पुलिस ने जनता में अपनी ईमानदारी की छबि बताने के लिए गुरुवार को कुछ बदमाशों का जुलुस निकाला। लेकिन इस जुलुस में वह बदमाश शामिल थे जिन पर महज मारपीट, अवैध शराब व जुआ, सट्टा का प्रकरण दर्ज है।

पुलिस ने प्रतिबंधात्मक धारा 122 के 11 आरोपियों को थाने बुला और उनको रेलवे स्टेशन चौराहा पर लेकर जाकर उन को पैदल पुलिस थाने तक लेकर आई। पुलिस के इस कदम से लोगों के मन में अब यह सवाल उठ रहा है कि पुलिस छोटे-मोटे आरोपियों का जुलूस निकाल कर संदेश देना जा रही है। यदि पुलिस ईमानदारी से कार्य करतती है तो तो वह सलमान लाला को गिरफ्तार क्यों नहीं कर पा रही है।

#पुलिस ने दी समझाईश

पुलिस ने अयोध्या फैसले के दौरान शहर के बदमाशों की सूची तैयार कि थी। इन पर सब पर प्रतिबंधात्मक धारा 122 कि कार्यवाही कि प्रकिया प्रारंभ की गई थी। पुलिस ने गुरुवार को इन सब को पुलिस थाने बुलाकर पहले जुलुस निकाला फिर समझाईश देते हुए सभी आरोपियों को थाने में दर्ज उनके अपराधों की जानकारी दी।

साथ ही भविष्य में कोई अपराध नहीं करने कि हिदायत भी दी। पुलिस ने 31 आरोपियों के खिलाफ धारा 122 की कार्रवाई कि प्रकिया कर रखी है। यह सभी बदमाश धारा 110 का उल्लघंन करने वाले है।

पुलिस ने इन सभी के प्रकरण एसडीएम न्यायालय में प्रस्तुत कर रखे है। इन में से 3 आरोपी जितेंद्र प्रजापति, बिज्जू उर्फ विजय, सद्दाम पिता यासीन शाह को जेल भी पहुंचा दिया है। जबकि 16 आरोपी फरार चल रहे है।फरार चल रहे आरोपियों के घर पर पुलिस ने दबिश भी दी, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। शेष 11 आरोपियों को थाने बुलाकर उन्हें अपराध नहीं करने की समझाईश दी गई है।

#इन बदमाशों का निकाला जुलूस

पुलिस ने बदमाश पूनम पिता वासुदेव, खाजू पिता फरीद मंसूरी, संदीप पिता रमेश मीणा, अनुप पिता नाना दासवानी, रमेश वर्मा, सोनू पिता बाबूराम मराठा, नासीर पिता यासीन शाह, लाखन पिता कैलाश खरे, दिनेश पिता रामजीलाल मीणा, राकेश पिता किशोरीलाल मीणा ये शामिल थे।

#कब होगी सलमान की गिरफ्तारी

शहर कि फीजा बिगाडऩे वाला बदमाश सलमान अभी तक पुलिस गिरफ्त से दूर है। सलमान ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर व्यापारी प्रेम राजावत पर 16 जून 2019 को प्राणघात हमला किया था। इस घटन के विरोध में हिंदू संगठन ने शहर बंद कर आंदोलन किया था। पुलिस ने आरोपी सलमान पर इस मामले में दो अलग-अलग प्रकरण भादवी की धारा 307 में धमकी देने में दर्ज किए थे।

इस घटना के बाद से सलमान फरार हो गया था। जुलाई माह में पुलिस को सूचना मिली थी कि सलमान खाचरौद में घुम रहा है, पुलिस जिले से एक टीम खाचरौद भेजी थी, लेकिन यहां सलमान पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। इस मामले में पुलिस ने सलमान व उसके दो साथी पर शासकीय कार्य में बाधा डालने का प्रकरण दर्ज किया था।

इस घटना के बाद एसपी सचिन अतुलकर ने सलमान पर ईनाम घोषित कर दिया था। बाद में राशि में बढ़ोतरी कर 10 हजार रु कर दी गई थी। लेकिन ईनाम घोषित होने के चार माह बाद भी सलमान पुलिस गिरफ्त से दूर है। उसके बावजूद भी पुलिस ने न तो सलमान की ईनाम राशि बढ़ाई और ना ही संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की।

इनका कहना
फरार सलमान की तलाश जारी है। किसी भी बदमाश को नहीं छोड़ा जाएगा। शीघ्र ही गिरफ्तारी कि जाएगी। सलमान की संपत्ति की जानकारी निकाली जा रही है।
श्यामचंद्र शर्मा
थाना प्रभारी, नागदा

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