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जीवन में बड़ा बनकर नहीं छोटा बनकर ही रहना चाहिए : पंडित नागर

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जीवन में बड़ा बनकर नहीं छोटा बनकर ही रहना चाहिए : पंडित नागर | One should live only by becoming small in life, not Pandit: Pandit Nagar | कथा के चौथे दिन कृष्ण जन्मोत्सव में झूमे श्रद्धालु

नागदा। मनुष्य को अपने जीवन में बड़ा बनकर नहीं छोटे बनकर रहना चाहिए। जैसे कि यदि आपके घर में 100 वाल्ट का बल्प जल रहा है तो कम वॉल्ट का बल्प इस्तेमाल किजिए। जिसका आपको फायदा भी मिलेगा। हर इंसान जीवन में स्वयं को बड़ा दिखाना चाहता है लेकिन बडप्पन आवश्यकता होने पर दिखाना चाहिए।

उक्त बात मालवा माटी संत पंडित कमलकिशोर नागर ने कहीं। वे शनिवार को श्रीमद भागवत कथा समति की अगुवाई में रिंग रोड पर चल रही सात दिवसीय भागवत कथा के चौथे दिन कृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाते हुए बोल रहे थे।

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उन्होंने आगे कहा कि परिवार में जो भी मुखिया की भूमिका निभाता है उसे सबकों को साथ लेकर चलने का स्वभाव रखना चाहिए लेकिन हर सदस्य को सुनने की भी आदत होना चाहिए। जीवन में किसी का रास्ता नहीं रोकना चाहिए क्योंकि यदि आपकी नियत साफ है तो आपकों मंजिल जरुर मिलेगी।

#कृष्ण जन्मउत्सव में झूमे श्रद्वालु

कथा के चौथे दिन शनिवार को कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। जैसे ही पंडाल में नंदबाबा कथा पंडाल में बालरुपी कृष्ण को लेकर पहुंचे तो पूरा कथा पंडाल यशोदा मैया बधाई, नंदबाबा को बधाई आज जन्मे कृष्ण कन्हाई के जयकारों से गूंज उठा। उसके बादा कृष्ण की झलक पाने के लिए श्रद्वालुओं में होड़ मच गई।

अंत में महाआरती कर माखनमिश्री की प्रसादी बांटी गई। चौथे दिन भी बढाया पंडाल, भोजन में व्यवस्था में हर वर्ग जुटा पंडित नागर की भक्ति सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्वालुओं का सैलाब उमड़ रहा है।

आलम यह है कि प्रतिदिन पंडाल बढ़ाया जा रहा है। कथा के चौथे दिन भी लगभग 2 हजार श्रद्वालू बैठ सके इतनी व्यवस्था जुटाई गई। वहीं शाम को कथा प्रसंग समापन के बाद हो रही भोजन प्रसादी में व्यवस्था संभालने के लिए श्रद्वालुओं सहित शहर के सामाजिक एवं धार्मिक संगठन के अलावा गणमान्य जुटे हुए है।

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