नितेश हत्याकांड : पुलिस व आरोपियों की कहानी में विरोधाभास

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पुलिस बता रही प्रेम प्रसंग का जबकि आरोपी बता रहा है निजी विवाद | Nitesh murder: Contradiction in the story of police and accused | nitesh hatyakand : police or aropiyon ki kahani mein virodhabhas

नागदा. जिला पुलिस प्रशासन के सिर दर्द बना शहर का बहुचर्चित नितेश हत्याकांड का लगभग सवाल साल बाद शनिवार को खुलासा हो गया. पुलिस ने दो आरोपी को गिरफ्तार कर घटनाक्रम का खुलासा किया. यह दोनों आरोपी मृतक नितेश के दोस्त थे.

जबकि एक आरोपी नितेश का रिश्तेदार भी है. पुलिस के मुताबिक नितेश की हत्या प्रेम प्रसंग के चलते हुई है. जबकि आरोपी का कुछ और कहना है. पुलिस द्वारा बताया जा रही काहनी से कई पुलिस अधिकारी ही कटघरे में खड़े हो गए है, उनकि कार्यप्रणाली पर ही सवाल उठ रहे है.

बरहाल पुलिस ने मामले का खुलासा कर चेन की सांस ली है. चूंकि हिंदू संगठनों द्वारा बार-बार पुलिस को चेतावनी दी जा रही थी कि यदि हत्याकांड का खुलासा नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा. पूर्व में भी नागदा व उज्जैन में हिंदू जागरण मंच के सह प्रांतीय संयोजक भेरुलाल टांक के नेत्तृव में किया गया था.

इस हत्याकांड का खुलासा करने पर जिला पुलिस अधीक्षक सचिन अतुलकर ने नागदा पुलिस टीम को 10 हजार के इनाम देने की घोषणा की है. सीएसपी मनोज रत्नाकर ने शनिवार को पूरे हत्याकांड का खुलासा किया.

#क्या है पूरा मामला

नागदा पुलिस को 11 जून 2018 कि सुबह सूचना मिली थी कि स्टेट हाइवे पर रेलवे ब्रिज के समीप एक बंद बोरा पड़ा है, जिसमें किसी इंसान के पैर दिख रहे है. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बोरा खोला तो उसमें से एक युवक की लाश मिली.

जिसकी शिनाख्त नितेश पिता गौविंद चौहान उम्र19 वर्ष निवासी 56 ब्लॉक नागदा के रुप में हुई थी. इस हत्याकांड में कई संदिग्ध लोगों के नाम सामने आ रहे थे. पुलिस को आरोप का सामना भी इसलिए करना पड़ रहा था कि, कुछ रूतबेदार लोगों के परिवार से जुड़ा मामला बताया जा रहा था.

पुलिस ने भाजपा पार्षद की बेटी व बेटे से भी शख्ती से पुछताछ की थी। लेकिन ऐसा कुछ सामने नहीं आया. हत्या के दो आरोपियों के नाम सामने आए हैं.

राजेश पिता भेरूलाल गेहलोत उम्र 24 वर्ष निवासी इंद्रा कॉलोनी नागदा तथा जगदीश बैरागी पिता जीवनदास बैरागी बैरागी उम्र 29 वर्ष निवासी जूना नागदा को पुलिस ने गिरफतार किया है. इन दोनों ने मिलकर नितेश की हत्या गला घोटकर की थी. पुलिस के मुताबिक मृतक नितेश, व दोनों आरोपी राजेश व जगदीश एक निजी क्लीनिक पर कार्य करते थे.

#पुलिस की कहानी पर उठे सवाल

नितेश हत्याकांड के बाद जिला पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया था. एसपी सचिन अतुलकर ने भी कई बार घटना स्थल का निरीक्षण किया था। यहां तक कई टीम का गठन किया. नागदा थाने पर पदस्थ रहे पूर्व अफसरों को नागदा बुलाया गया और टीम बनाई गई.

इस दौरान पुलिस ने लगभग 50 से अधिक लोगों से पूछाताछ की लगभग 1.5 लाख कॉल डिटेल खंगाली, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा. सीएसपी रत्नाकर का कहना हैकि उस समय अधिकारियों ने रात 9.35 बजे की बाद की फुटेज नहीं देखी थी. यदि वह अधिकारी बाद की फुटेज देख लेते तो हो सकता है कि घटनाक्रम का खुलासा हो सकता था.

nitesh hatyakand : police or aropiyon ki kahani mein virodhabhas

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