नागदा : फेसबुक पर युवती से हुई दोस्ती बनी मेडिकल छात्र की मौत का कारण

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नितेश हत्याकांड खुलासा । पुलिस व आरोपी कि काहनी में विरोधाभास l Nagda: friendship with a girl on Facebook became the reason for the death of a medical student l nitesh hatyakand nagda : facebook  par hui dosti bani medikal chatra ki maut ka karan

नागदा. शहर के लिए हमेशा से चर्चा का विषय रहा नितेश हत्याकांड का खुलासा मंडी पुलिस ने करीब सवा साल बाद कर दिया हैं. मामले में मंडी पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामला का खुलासा कर दिया हैं.

दोनों आरोपी मृतक नितेश के दोस्त थे. जबकि एक आरोपी नितेश का खास रिश्तेदार है. पुलिस के अनुसार हत्या प्रेम प्रसंग के कारण हुई हैं. जबकि मामले में दोनों आरोपियों का अलग-अलग ही तर्क वितर्क हैं. मंडी पुलिस द्वारा बताई जा रही काहनी से कई पुलिस अधिकारी ही कटखरे में खड़े हो गए है, पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही सवाल उठ रहे हैं.

बरहाल जो कुछ भी हो पुलिस ने मामले का खुलासा कर राहत की सांस ली हैं. चूंकि हिंदू संगठनों द्वारा बार-बार पुलिस को चेतावनी दी जा रही थी कि यदि हत्याकांड का खुलासा नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा.

पूर्व में भी नागदा व उज्जैन में हिंदू जागरण मंच के सह प्रांतीय संयोजक भेरुलाल टांक के नेत्तृव में किया गया था. हत्याकांड का खुलासा करने पर जिला पुलिस अधीक्षक सचिन अतुलकर ने नागदा पुलिस टीम को 10 हजार के इनाम देने की घोषणा की है. सीएसपी मनोज रत्नाकर ने शनिवार को पूरे हत्याकांड का खुलासा किया.

क्या है पूरा मामला

दरअसल नागदा पुलिस को 11 जून 2018 कि सुबह अज्ञात से सूचना मिली थी कि, जावरा स्टेट हाइवे पर रेलवे ब्रिज के समीप एक मुंह बंद बोरा पड़ा है, जिसमें किसी के पैर दिख रहे है. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बोरा खोला तो उसमें से एक युवक की लाश मिली.

शिनाख्त नितेश पिता गोविंद चौहान उम्र19 वर्ष निवासी 56 ब्लॉक नागदा के रुप में हुई थी. हत्याकांड में कई संदिग्ध लोगों के नाम सामने आ रहे थे. पुलिस को कई आरोप का सामना भी इसलिए करना पड़ रहा था कि, कुछ रूतबेदार लोगों के परिवार से जुड़ा मामला बताया जा रहा था.

पुलिस ने भाजपा पार्षद की बेटी व बेटे से भी सख्ती से पूछताछ की थी. लेकिन ऐसा कुछ सामने नहीं आया। हत्या के दो आरोपियों के नाम सामने आए हैं.

राजेश पिता भेरूलाल गेहलोत उम्र 24 वर्ष निवासी इंद्रा कॉलोनी नागदा तथा जगदीश बैरागी पिता जीवनदास बैरागी बैरागी उम्र 29 वर्ष निवासी जूना नागदा को पुलिस ने गिरफतार किया है. उक्त दोनों ने ही मिलकर नितेश की हत्या गला घोटकर की थी. पुलिस के मुताबिक मृतक नितेश, व दोनों आरोपी राजेश व जगदीश एक निजी क्लिनिक पर कार्य करते थे.

हत्या का कारण

सीएसपी मनोज रत्नाकर व थाना प्रभारी श्यामचंद्र शर्मा ने शनिवार शाम 5 बजे प्रेस वार्ता आयोजित कर बताया कि मृतक नितेश की मौसी की बेटी रतलाम निवासी की दोस्ती फेसबुक पर राजेश से हुई थी. राजेश ने नितेश की बहन को फेंड रिकवेस्ट भेजी थी.

जिस पर नितेश की बहन ने नितेश से राजेश के बारे में पुछा था. बाद में दोनों के बीच दोस्ती बढ़ती गई और राजेश से प्रेम विवाह करने की मंशा भी जताई. एक दिन मेसेज के आपसी संवाद को बड़ी बहन ने देख लिए. चूंकि यह मामला नागदा से जुड़ा था इसलिए बड़ी बहन ने पूरा किस्सा नितेश को बताया और कहा कि राजेश रतलाम आया हुआ है.

इस बात से नितेश को गुस्सा आया और उसने राजेश को फोन कर तुरंत नागदा आने को कहा. नागदा आने के बाद दोनों के बीच गाली-गलौच हुई. मुद्दे को लेकर कई बार राजेश व नितेश के बीच तकरार भी हुई. अपने मार्ग से इस रोड़ा को हटाने के लिए राजेश ने एक दिन अपने साथी जगदीश के साथ मिलकर नितेश को मौत के घाट उतारने की योजना बनाई और वे सफल हुए.

नितेश को मारने के लिए राजेश ने जगदीश से बोरा मंगवाया और 10 जून की रात को नितेश, जगदीश व राजेश तीनों क्लिीनिक की छत पर सिगरेट पीने गए. वहीं पर दोनों ने मिलकर नितेश की हत्या गले में गमछा डालकर की गई.

कैसे खुला राज

हाल में नागदा थाने पर पदस्थ हुए श्याम चंद शर्मा ने फाईल को खंगाला और सीसीटीवी फुटेज देखे. टीआई ने देखा कि 10 जून की रात क्लिीनिक के कैमरे रात 9 बजकर 29 मिनट व 58 सेकेंड में बंद हो गए. जिसके

बाद लगभग 5 मिनट बाद रात 9.3५ बजे के कैमरे पुन: चालू हो गए. टीआई को शंका हुई और बाद के कैमरे खंगाले तो मामला उजागर हुए. पुलिस को घटना के समय मृतक के परिजनों ने बताया था कि नितेश रात को दुध लेकर घर आ रहा था. लेकिन वह घर नहीं पहुंचा और अगले दिन उसका शव मिला. इधर थाना प्रभारी ने जब रात 9.35 बजे के कैमरे की फूटेज देखी तो उसमें क्लिीनिक के अंदर दुध की थैली रखी हुई दिखाई थी. पुलिस का शंक और बढ़ गया, जिसके बाद पुलिस ने क्लीनिक बंद व चालू करने वाले कर्मचारी राजेश के साथ सक्ती से पुछताछ की तो घटना करना स्वीकार किया.

पुलिस की कहानी पर उठे सवाल

नितेश हत्याकांड के बाद जिला पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया था. एसपी सचिन अतुलकर ने भी कई बार घटना स्थल का निरीक्षण किया था. यहां तक कई टीम का गठन किया। नागदा थाने पर पदस्थ रहे पूर्व अफसरों को नागदा बुलाया गया और टीम बनाई गई.

इस दौरान पुलिस ने लगभग 50 से अधिक लोगों से पूछाताछ की लगभग 1.5 लाख कॉल डिटेल खंगाली, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा. सीएसपी रत्नाकर का कहना है कि उस समय अधिकारियों ने रात 9.35बजे की बाद की फूटेज नहीं देखी थी.

यदि वह अधिकारी बाद की फुटेज देख लेते तो हो सकता है कि घटनाक्रम का खुलासा हो सकता था. इधर आरोपी राजेश ने बताया कि नितेश की हत्या करने की कोई योजना नहीं थी.

उसका नितेश से विवाद सिगरेट पीते समय ही हुआ था, नितेश ने उस समय राजेश के लघुशंका वाले स्थान पर वार किया था, इस बार से गुस्सा होकर नितेश का गला घोट दिया था. बाद में दोनों आरोपी नितेश का शव बोरे में रखकर बाईक से हाईवे पर ले गए और फेंक दिया था.

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