नागदा ग्रेसिम उघोग के समझौते को लेकर आंदोलन का शंखनाथ

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नागदा ग्रेसिम उघोग के समझौते को लेकर आंदोलन का शंखनाथ  | कांग्रेस ने ली गेट मिंटिग, ठेका श्रमिकों ने किया घेराव | Shankhanath of the movement regarding the agreement of Nagda Grasim Ughog

नागदा. ग्रेसिम उघोग में होने वाले श्रमिकों के पांच वर्षीय वेतन समझौते को लेकर अब नगर में आंदोलन प्रारंभ हो गया. सोमवार शाम 5 बजे कांग्रेस द्वारा उघोग के पावर हाउस गेट पर मीटिंग आयोजित कर आंदोलन का शंखनाथ किया तो इधर उघोग के ठेका श्रमिकों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव कर अपना मांग पत्र नायब तहसीलदार विनोद शर्मा को सौंपा.

आंदोलन उघोग के अंदर कार्यरत्त श्रम संगठनों ने भी उघोग गेट के बाहर लगाई गई एक सूचना को लेकर प्रारंभ हुआ. सूचना में यह उल्लेख किया गया उघोग प्रबंधन 8 हजार रुपए की वेतन वृद्धि करने को तैयार है. उघोग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार श्रम संगठन व उघोग प्रबंधन के बीच समझौता हो गया है. जिसमें 9 हजार रुपए वेतन वृद्धि कि गई है.

#क्या है पूरा मामला

ग्रेसिम उघोग मे प्रति पांच वर्ष में श्रमिकों के वेतन को लेकर समझौता होता है। पिछला समझौता 31 दिसंबर 2018 को समाप्त हो गया था. लेकिन समझौता नहीं होने से श्रमिकों को अभी तक पूराने समझौते के अनुसार ही वेतन मिल रहा है, हालांकि जब भी समझौता होगा श्रमिकों को उक्त माह की राशि एरियर के रुप में मिलेगी.

प्रति समझौते पर उघोग समझौता दीपावली पर्व के आसपास ही करता है. ताकि श्रमिकों को एक मुस्त राशि मिल सके और व विरोध नहीं करें. पिछला समझौता 6500 रु की वेतन वृद्धि पर हुआ था. जबकि इस बार 9 हजार रु की वेतन वृद्धि हुई है.

#कांग्रेसजनों ने साधा निशाना

गेट मिंटिग को कांग्रेस के जिला कार्यकारी अध्यक्ष सुबोध स्वामी ने संबोधित करते हुए कहा कि श्रमिकों के पांच

सालाना वेतन वृद्धि एवं बोनस समझौते को खत्म हुए दस माह से भी अधिक का समय बीत जाने के बाद भी समझौता संपन्न नहीं हुआ है. श्रम संगठन आज भी सिर्फ वार्ताओं का दौर ही चला रहे हैं. उद्योग प्रबंधन दस माह में 6 हजार से मात्र 8 हजार पर पहुंचा वहीं 25 हजार वेतनवृद्धि का मांग पत्र देने वाले श्रम संगठन के पदाधिकारी सीधे 9 हजार को स्वीकार करने पर राजी हो गए हैं.

कांग्रेस ने श्रमिकों से आव्हान किया कि श्रम संगठन के पदाधिकारियों से प्रश्न किजिए की बढती महंगाई को लेकर उन्होंने श्रमिकों के लिए क्या स्वीकृत करवाया, साथ ही बच्चों की महंगी होती शिक्षा के लिए श्रम संगठन प्रबंधन से क्या स्वीकृति लाए.

स्वामी ने कहा कि समझौते की आड में उद्योग के विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा श्रमिकों को मानसीक रूप से वर्कलोड बढाकर प्रताडित किया जा रहा है. श्रमिकों द्वारा हमें इस बाबत शिकायत की गई है. अधिकारी सचेत हो जाए अगर श्रमिकों को प्रताडित किया गया तो ऐसे अधिकारियों के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज करवाया जाएगा.

मिटिंग को शहर कांग्रेस अध्यक्ष राधे जायसवाल, कल्याणसिंह कुशवाह, ओमप्रकाश मौर्य, पार्षद जयप्रकाश मल्लाह ने भी संबोधित किया। इस मौके पर पर युधिष्ठिर रघुवंशी, पार्षद योगेश मीणा, संदीप चौधरी, दिनेश ररोतिया, जितेन्द्र चैहान, पवन गुर्जर, सायराम सेन, अशोक मीणा, कमलेश, शेरसिंह, कन्हैया मिश्रा, पीरूलाल चावडा, हर्षद शुक्ला, जीवन कटारिया, महेन्द्र यादव, नवीन सैनी, आशाराम, संतोष लंके, स्वदेश क्षत्रिय आदि मौजूद थे.

#श्रमिकों ने किया घेराव

उघोग में कार्यरत्त ठेका श्रमिकों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन दिया. जिसमें बताया गया कि वर्ष 2014 में हुए समझौते में यह तय किया गया था कि आगामी पांच वर्ष तक 20 प्रतिशत रिक्त पदों पर ठेका श्रमिकों का वर्गीकरण कर वरिष्ठता व अनुभव के आधार पर पदस्थ किया जाएगा.

लेकिन इस शर्त का आज तक पालन नहीं हुआ। साथ ही श्रमिकों ने मांग कि ठेका मजदूरेां की अनुकंपा की नियुक्ति स्थाई तौर की जाए। बोनस में 20 से 40 प्रतिशत की वृद्धि कि जाए. ज्ञापन पर अजय यादव, राजेश सोलंकी, रमेशचंद्र गौतम, रतनसिंह, दिनदयाल चुकरी, धनश्याम, सलीम खान, शत्रुधन कैथवास, केवल नारायण, दिलीपसिंह, कैलाश जायसवाल आदि मौजूद थे.

nagda grasim ugyog ke samajhaute ko lekar andolan ka shankhanaath

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