Latest News in Hindi Indore

मध्य प्रदेश : किराया नहीं देने पर 47 लोगों को घर से किया बेघर

madhya-pradesh-47-people-rendered-homeless-for-not-paying-rent
  • किराया नहीं देने पर 47 लोगों को घर से किया बेघर
  • केंद्र व राज्य सरकार के आदेश कि अवेहलना, प्रशासन की लापरवाही उजागर

नागदा। लॉकडाउन के दौरान केंद्र व राज्य सरकार द्वारा दिए गए आदेश व कानून का शहर में स्थानीय प्रशासन ने माखौल उड़ा दिया है।

प्रशासन कि लापरवाही से कई परिवार बेघर हो गए और भूखे रहकर दिन गुजार रहे है। शहर में गत 8 वर्ष से निवास कर रहे गुजरात के 47 लोगों को मकान मालिक ने किराया नहीं देने पर घर से बेघर कर दिया। यहां तक कि इन लोगों का सामान टीवी, बर्तन, पलंग व अन्य नहीं दिया और महज कपड़े एवं बिस्तर देकर रवाना कर दिया। गत दो दिन से यह लोग खुले आसमान में चंबल नदी किनारे पर रह रहे थे।

इस की सूचना जब प्रशासन को मिली तो प्रशासन ने बुधवार को उनको आशियान दिलाने की बजाए उन को नवीन बस स्टैंड ( कवारन्टीन वारन्टीन सेंटर)पर छोड़ आया।

प्रशासन ने इन लोगों के खाने की व्यवस्था भी नहीं कि,  मामले की सूचना जब हिंदू संगठन के नेता भेरुलाल टांक को लगी तो उन्होने इस कि शिकायत कलेक्टर को की। जिसके बाद प्रशासन का अमला मौके पर पहुंच गया और उनके बयान लिए।

हालांकि प्रशासन का कहना है कि किराए के कारण इन को बेघर नहीं किया गया है। लेकिन प्रशासन ने इस मामले को जांच में लिया है। इस पूरे मामले की शिकायत कुछ लोगों ने केलक्टर को भी कि है।

क्या है मामला

शहर के मुख्य मार्ग एमजी रोड के समीप स्थित कसाई मोहल्ले में की एक गली में गत 8 वर्ष से गुजरात के भावनगर के कुछ परिवार निवास कर रहा है।

यह परिवार गुजरात के सूरत से कपड़े लाकर क्षेत्र में बेचते है। लेकिन देश में 22 मार्च से लॉकडाउन लागू होने से इन परिवार पर संकट मंडरा गया और इन का व्यापार बंद हो गया। जैसे-तैसे इन लोगों ने एक माह गुजार लिया।

लेकिन 20 अप्रैल को इन लोगों को मकान मालिक ने घर से बाहर कर दिया, जिससे यह लोग चंबल नदी के किनारे पर पहुंच गए। यहां पर इन लोगों ने 20 अप्रैल कि रात व 21 अप्रैल की दिन-रात गुजारी।

22 अप्रैल दोपहर को प्रशासन को जब इसकी सूचना मिली तो एसडीएम आरपी वर्मा, तहसीलदार विनोद शर्मा, नायब तहसीलदार सनोली पटवा, अन्नू जैन व थाना प्रभारी श्यामचंद्र शर्मा पहुंचे और इन को उठाकर नवीन बस स्टैंड पर छोड़ दिया। गौरतलब है कि प्रशासन ने नवीन बस स्टैंड को  इन दिनों अस्थाई कोरनटाईन सेंटर बना रखा है।

खाने की कोई व्यवस्था नहीं

20 अप्रैल को घर से बेघर होने के बाद इन लोगों को आसपास के कुछ लोगों ने कच्चा राशन उपलब्ध कराया। 21व 22 अप्रैल को इन लोगों को पोरवाल समाज व कांग्रेस नेता चेतन यादव मित्र मंडल द्वारा भोजन उपलब्ध कराया। लेकिन प्रशासन ने इन लोगों के भोजन की कोई व्यवस्था नहीं कि।

कितने है परिवार व सदस्य
परिवार
06
कुल सदस्य
47
पुरुष
18
महिला
24
बच्चे
05
प्रशासन की लापरवाही उजागर

केंद्र सरकार ने आदेश दिया है कोई भी किराएदार 3 माह का किराया नहीं देगा। मकान मालिक भी जबरदस्ती किराया नहीं मांग सकता है।

प्रशासन का इस मामले में कहना है कि इन लोगों को किराए के लिए बेघर नहीं किया गया है, इन लोगों को उक्त क्षेत्र के लोगों से बाहर जाने को कहा है चूंकि यह लोग अपने परिजन जो बाहर से आए है उनसे मिलने जाते थे। यह लोग सब साथ में रहते थे, इसलिए क्षेत्र के लोगों को भय हो गया कि कही इन को कोरोना नहीं हो चाए।

इस कारण इन को बाहर निकाला गया है। यदि प्रशासन यह काहनी बता रहा है तो भी प्रशासन की लापरवाही उजागर हो रही है। यदि इन लोगों को रहवासियों ने मोहल्ले से बाहर किया तो मकान मालिक या मोहल्ले के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को क्यों नहीं दी।

पुलिस प्रशासन ने उक्त मोहल्ले में जाकर उन को समझाया क्यों नहीं। इन दिनों शहर मेंं कफ्र्यू लागू है जगह-जगह पर पुलिस जवान तैनात है ऐसे में यह लोग यदि किसी से मिलने जाते है तो क्या पुलिस जवान इन को नहीं रोकते है।

हमे सूचना मिली थी कि कसाई मोहल्ले से कुछ लोगों को बाहर कर दिया गया है। यह लोग चंबल नदी के किनारे पर ठहरे हुए है। इन लोगों को वहां से उठाकर नवीन बस स्टैंड पर रुकाया गया है। सभी के बयान लिए जा रहे है। जांच कि जा रही है। इन का सामान इन को दिलाया जाएगा।
विनोद शर्मा
तहसीलदार, नागदा
कसाई मोहल्ले से जिन लोगों को बाहर किया गया है उन का विरोध मोहल्ले के लोगों ने किया था। मोहल्ले के लोगों का कहना था कि यह लोग अपने परिजनों से मिलने से अन्य क्षेत्र में आते-जाते है। इन के परिजन अन्य शहर से आए है। किराए की बात नहीं है।
श्यामचंद्र शर्मा
प्रभारी, मंडी थाना नागदा

madhya-pradesh-47-people-rendered-homeless-for-not-paying-rent
राजा जनमेजय बस स्टैंड पर मौजूद परिवार.

Comment here