2500 करोड़ की लागत से होगा ग्रेसिम उद्योग का विस्तार

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1500 लोगों को मिलेगा रोजगार, 2 लाख 33 हजार 850 टन फायबर का होगा उत्पादन

नागदा. आदित्य बिरला समूह के शहर में स्थित ग्रेसिम स्टेबल फायबर उद्योग के विस्तार का मार्ग प्रश्स्त हो गया. गुरुवार को एसडीएम कार्यालय में प्रदूषण विभाग संगभागीय कार्यालय द्वारा आयोजित जनसुनवाई में दर्जनों लोगों ने एक सूर में उद्योग के  विस्तार पर सहमति जताई. हालांकि कुछ लोगों ने आपत्ती भी ली, उनका कहना था कि उद्योग के विस्तार पर आपत्ती नहीं है, उद्योग में स्थानीय लोगों को रोजगार व प्रदूषण पर प्रमुखता से ध्यान दें.

उद्योग प्रबंधन व प्रदूषण विभाग ने समस्या के निराकरण का आश्वसन दिया. हालांकि जनसुनवाई के दौरान विवाद की स्थिति भी निर्मित हुई थी. लेकिन प्रशासन के आला अधिकारी की सूझबूझ से मामला टल गया. गौरतलब है कि ग्रेसिम उद्योग प्रबंधन द्वारा लगभग 2500 करोड़ खर्च कर उद्योग का विस्तार किया जा रहा है.

उद्योग के विस्तार से क्षेत्र के लगभग 1500 को रोजगार भी मिलेगा. उद्योग के विस्तार को लेकर के दावे-आपत्ति व सुझाव आमंत्रित किए गए थे. जनसुनवाई में एडीएम डॉ आरपी तिवारी, प्रदूषण विभाग के रिजनल अधिकारी एसएन द्विवेदी, एसडीएम आरपी वर्मा, सीएसपी मनोज रत्नाकर मौजूद थे.

ग्रेसिम उद्योग की ओर से उद्योग ईकाइ प्रमुख के सुरेश, वरिष्ट उपाध्यक्ष वाएस रघुवंशी, जनसंपर्क अधिकारी संजय व्यास समेत समस्त वरिष्ट अधिकारी मौजूद थे. केमिकल डिविजन, लैक्सेंस उघोग के अधिकारी भी शामिल हुए.

132 आपत्ति व सुझाव आमंत्रित

प्रदूषण विभाग द्वारा आयोजित जनसुनवाई लगभग 7 घंटे तक चली. सुबह 10:30 बजे प्रारंभ जनसुनवाई शाम 5 बजे तक चली, जिसमें लगभग 132 लोगों ने आपत्ती व सुझाव आमंत्रित किए गए. चंबल नदी के डाउन स्ट्रिम में स्थित 14 गांव के किसानों ने भी रोजगार उपलब्ध कराने व प्रदूषण कम करने की मांग की.

गांव के अलावा श्रम संगठन, सामाजिक संगठन, आरटीआई कार्यकर्ता आदि ने आपत्ति ली व सुझाव भी दिए तथा उद्योग के विस्तार में सहमती प्रदान की.

1500 लोगों को मिलेगा रोजगार

ग्रेसिम उद्योग द्वारा स्टेपल फायबर का उत्पादन किया जाता है. वर्तमान में 1 लाख 44 हजार 175 करोड़ टन फायबर का उत्पादन प्रति वर्ष होता है. उद्योग के विस्तार से यह आंकड़ा 2 लाख 33 हजार 850 टन प्रतिवर्ष हो जाएगा. वर्तमान में उत्पादन के बढ़ाने के अलावा ग्रेसिम नए तरह के फायबर एक्सल का भी उत्पादन करेगा.

इस फायबर की खासीयत यह रहेगी आग के संपर्क में आने पर भी यह आसानी से नहीं जलेगा. इस फायबर की विदेश में अधिक मांग रहती है. फायबर का प्रति वर्ष 36 हजार टन उत्पादन होगा. उद्योग के विस्तार से लगभग 1500 लोगों को रोजगार मिलेगा.

इन में 550 स्थाई व 950 अस्थाई श्रमिकों को कार्य पर रखा जाएगा. वर्तमान में उघोग में 2270 स्थाई व 2716 अस्थाई श्रमिक कार्य करते हैं.

Grasim industry will expand at a cost of 2500 crores

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