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रेलवे स्टेशन पर Disabled passengers को खोजना पड़ती है शौचालय की चॉबी

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रेलवे स्टेशन पर Disabled passengers को खोजना पड़ती है शौचालय की चॉबी | Disabled passengers have to search for toilet at railway station

नागदा। रेलवे स्टेशन पर दिव्यांगजनों (Disabled passengers) रेल यात्रियों की फजीहत हो रही है। दरअसल रेलवे स्टेशन नागदा के प्लेटफार्म नंबर एक पर बने दिव्यांग शौचालय पर स्टेशन प्रबंधक द्वारा ताला लगा दिया गया है। ताला शौचालय की सफाई व्यवस्था को बरकरार रखने के उद्देश्य से लगाया गया है।

स्टेशन प्रबंधक का मानना है कि, शौचालय का उपयोग Disabled passengers कम और अन्य यात्री अधिक करते है। ऐसे में प्रबंधक को सफाई व्यवस्था बरकरार रखने के लिए काफी मशक्कत करना पड़ती है। ताला लगाए जाने का दूसरा पहलु यह भी है कि, शौचालय का उपयोग दिव्यांगजनों के लिए पूर्णत: नि:शुल्क है। ऐसे में कोई भी यात्री शौचालय का उपयोग बेछिछक करता है।

#पहले खोजना पड़ती है चॉबी

दरअसल नागदा के प्लेटफार्म नंबर एक पर वृद्ध व दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए लिफ्ट का निर्माण किया गया है। लिफ्ट से कुछ ही दूरी पर Disabled passengers के लिए पृथक-पृथक महिला और पुरुष शौचालय का निर्माण किया गया है।

जिससे कि, लिफ्ट व शौचालय दोनों की सुविधा एक ही प्लेटफार्म पर मिल सकें। लेकिन दिव्यांगजनों को सबसे पहले शौचालय पर लगे ताले की चॉबी खोजना पड़ती है। जिसके बाद ही वह शौचालय का उपयोग कर पाते हैं।

#कभी कभार मिल पाती है चॉबी

स्टेशन प्रबंधक भूपसिंह के सिर पर स्टेशन के तामाम कार्यों का जिम्मा है। ऐसे में सिंह कई बार ऑफिस के केबिन में नहीं बैठते। जिससे Disabled passengers  को चॉबी खोजने के लिए खासी मशक्कत का सामना करना पड़ता है। बता दें कि, नागदा रेलवे स्टेशन दिल्ली मुंबई रुट का प्रमुख जंक्शन है। ऐसे में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में दिव्यांग रेल यात्री स्टेशन से गुजरते है। जो यदा कदा ही स्टेशन पर मौजूद शौचालय का उपयोग कर पाते है।

#क्या है परेशानी

दरअसल रेलवे स्टेशन नागदा के प्लेटफार्म नंबर एक पर Disabled passengers की सुविधा के लिए शौचालय निर्माण किया गया है। शौचालय महिलाओं व पुरुषों के लिए पृथक है। ऐसे में शौचालय पर पहुंचने वाले दिव्यांगजनों को पहले ताला खुलवाने की जद्दोजहद करना पड़ती है। बाद में उसका उपयोग हो पाता है।

जिम्मेदारों से कारण पूछे जाने पर जिम्मेदारों का तर्क होता है कि, शौचालय का अन्य लोग उपयोग कर उसे गंदा कर देते है। ऐसे में दिव्यांग शौचालय की सफाई व्यवस्था खराब हो जाती है।

#3000 हजार यात्रियों का दबाव

दिल्ली मुंबई रेलवे रुट का प्रमुख जंक्शन होने के कारण शहर से प्रतिदिन 3000 से अधिक यात्री स्टेशन पर पहुंचते है। साथ ही शहर से तीन दर्जन से अधिक सुपर फास्ट ट्रेनों का गुजरना होता है। इनमें से कई ट्रेनें ऐसी होती है जिनका नागदा स्टेशन पर इंजन चेंज किया जाता है। खासकर दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों के इंजन में बदलाव किया जाता है।

इनका कहना-
यह बात सही है कि, Disabled passengers के शौचालय पर ताला लगाया जाता है। कारण यह है कि, शौचालय अन्य लोगों द्वारा अधिक उपयोग किया जाता है जिससे दिव्यांगजन उसका उपयोग करने से वंचित रह जाते है।
भूपसिंह
स्टेशन मास्टर, नागदा जंक्शन

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