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स्कूली बच्चों के वाहनों पर मंडराता है खतरा

Dangers on school children vehicles

भारी वाहनों के असमय प्रवेश करने पर बिगड़ रही यातायात व्यवस्था | Dangers on school children vehicles | स्कूली बच्चों के वाहनों पर मंडराता है खतरा

नागदा। शहर में भारी वाहनों के असमय प्रवेश करने का सिलसिला लगातार जारी है। परेशानी यह है कि, भारी वाहन स्कूली बच्चों की छुट्टि के समय शहर में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे में किसी स्कूली बच्चों से भरे वाहनों और भारी वाहनों के प्रवेश से किसी भी प्रकार की अप्रिय दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। ऐसा नहीं है कि, जिम्मेदारों को भारी वाहनों के प्रवेश दिखाई

नहीं देते। जिम्मेदार सभी परेशानी से रुबरु हैं, लेकिन वाहनों के असमय प्रवेश पर रोक लागने की कार्रवाई नहीं करते। विड़बना यह है कि, यदि भारी वाहनों की तेज रफ्तार के कारण शहर में किसी प्रकार की दुर्घटना हो जाती है तो प्रशासनिक अफसर खाना पूर्ति के लिए चालानी कार्रवाई कर सुस्त हो जाते हैं। कार्रवाई के बंद होते ही भारी वाहनों के प्रवेश की स्थिति पूर्वत हो जाती है।

#सुबह 8 से रात 9 बजे तक प्रतिबंधित है वाहन

शहर के प्रमुख बाजारों में सुबह 8 से रात 9 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रशासन द्वारा रोक लगाई गई है। लेकिन परेशानी यह है कि, शहर के व्यापारियों द्वारा प्रतिबंधित समय में ही भारी वाहनों से गोदाम का स्टॉक मंगवाकर दुकानों पर खाली करवाया जाता है। ऐसे में शहर में जाम की स्थिति तो निर्मित होती है स्कूली वाहन भी दुर्घटना के भी दुर्घटना की चपेट में आने की संभावना बढ़ जाती है।

#नहीं होती चालानी कार्रवाई

शहर में यदि भारी वाहनों के चलते किसी प्रकार की दुर्घटना हो जाती है, तो प्रशासन की ओर से एक या दो दिन चालानी कार्रवाई कर इतिश्री कर ली जाती है। दूसरी ओर शहर के एप्रोच रोड पर भी दर्जनों की संख्या में भारी वाहन खड़े कर ट्रांसपोर्टर द्वारा स्थानीय क्षेत्रों से मंगवाए गए माल को उतारा जाता है।

जिसके चलते एप्रोच रोड का एक हिस्सा ही राहगीरों के उपयोग में आ पाता है। मार्ग पर खड़े वाहनों की शिकायत पर नगर पालिका द्वारा कर्मचारियों को तैनात किया जाता है, लेकिन कर्मचारियों के साथ वाहन चालकों द्वारा अभ्रदता की जाती है। जिससे नपा का अभियान अधिक समय तक नहीं टिक पाता। और परेशानी जस की तस बनी रहती है।

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