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आवेदन पत्र क्या होते हैं उदाहरण सहित | Avedan Patra in Hindi with Examples

आवेदन की परिभाषा | आवेदन पत्र लिखने का तरीका | आवेदन पत्र कैसे लिखा जाता है | प्रधानाध्यापक के पास एक आवेदन पत्र लिखे | शिक्षक हेतु आवेदन पत्र | विधायक को आवेदन पत्र कैसे लिखे |आवेदन पत्र TCl छुट्टी के लिए आवेदन पत्र office

आवेदन की परिभाषा | Definition of application

आवेदन यानी किसी से अनुरोध करना. पत्र के माध्यम से लिखित रुप से अनुरोध किए जाने को आवेदन पत्र कहा जाता है. भारत में आवेदन का अत्यधिक उपयोग किया जाता है. जिसमें स्कूल, कॉलेज, शासकीय दफ्तर और प्रायवेट ऑफिस शामिल है.

आवेदन के नाम से ही स्पष्ट है कि, अपने से उच्च पद के व्यक्ति को लिखा जाने वाले पत्र. इसे लिखते समय हमें विषय, भाषा, दिनांक, स्थान और अपने नाम का उल्लेख सही स्थान पर करना चाहिए. इंटरनेट पर विभिन्न प्रकार के संस्थानों में दिए जाने वाले आवेदन पत्र के फार्मेट मौजूद है.

आवेदन पत्र लिखने वाले व्यक्ति का व्यक्तिव उजागर करती है. ऐसे में पत्र लिखे जाने के दौरान हमें निम्र बातों का ध्यान रखना चाहिए. उदाहरण के दौर भाषा में सरलता, शालीनता, स्पष्ट विषय आदि. चलिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डालते है.

आवेदन पत्र कैसे लिखा जाता है | How to write an application

1.शिष्टता और विन्रमता
आवेदन अधिकांश तौर पर किसी अधिकारी को लिखा जाता है. इसलिए हमें लेखन के दौरान शिष्ट और विन्रम भाषा का प्रयोग करना चाहिए. शब्दों का चयन इस प्रकार करें ताकि पढऩे वाला व्यक्ति उसे नजर अंदाज नहीं करते हुए उस पर कार्रवाई करें.

2. सरल भाषा का उपयोग
आवेदन लिखने के दौरान सरल और स्पष्ट भाषा का प्रयोग करना चाहिए. जिससे की लिखे जाने का कारण स्पष्ट हो सके. पत्र जितना छोटा और सरल भाषा में होगा आवेदन उतना ही प्रभावी होगा. पत्र में संस्कृत और अप्रचलित भाषा के शब्दों से परहेज करना चाहिए.

3. विश्वसनियता या प्रमाणिता
आपके पत्र में विश्वसनियता साफ झलकनी चाहिए. लिखे ऐसा कि सामने वाले व्यक्ति को यह प्रतित ना हो कि, आपका पत्र झूठा और अनुचित है. यदि आप ऑफिस में कार्यरत है, और किसी दुर्घटना या बीमारी का शिकार हो गए है. तो आपकों पत्र के साथ में डॉक्टर द्वारा दिए गए चिकित्सीय प्रमाण पत्रों को संलग्न करना चाहिए.

4. संक्षिप्त और कम शब्दों में
सबसे महत्वपूर्ण बात आवेदन पत्र संक्षिप्त और कम शब्दों में लिखा जाना चाहिए. जिससे पढऩे वाला व्यक्ति उसे कम समय में पढ़कर उस पर प्रतिक्रिया दे सके. आवेदन में भावनात्मक शब्द और परेशानियों का उल्लेख कम किया जाना चाहिए. उक्त शब्द लिखने वाले के आत्मविश्वास की ओर इशारा करता है.

5.पूर्णता और परिपक्ता
पत्र को लिखने के दौरान सांकेतिक शब्दों से बचाव करना चाहिए. उदाहरण के तौर पर मेरे पिता जी बीमार है. पिता जी एक सांकेतिक शब्द है. इसके स्थान पर पिता का नाम लिखना चाहिए. पत्र में सभी बातों को लिखा जाना आवश्यक है. यह प्रकार से आपकी जमानत का कार्य करता है. यदि आप जॉब या स्कूल में अफसर से छुट्टी का अनुरोध कर रहे हैं.

6. शुरआत और अंत
महोदय से शुरुआत कर धन्यवाद पर अंत करने के पूर्व इस बात का ध्यान रखना आवश्यक है, कि आपके पत्र के विषय के अनुरुप सभी बातें आवेदन में शामिल है. लय बध तरीके से पत्र लेखन करें.

आवेदन पत्र के मुख्य प्रकार । Main types of applications

भिन्न-भिन्न संस्थाओं के अनुसार आवेदन पत्र भी अलग-अलग होते है. लेकिन व्यवहारिकता और आवश्यकता के अनुसार मुख्यत: तीन प्रकार के होते है जैसे-

1. विद्यार्थियों के लिए आवेदन पत्र
आमतौर पर विद्यार्थियों द्वारा वर्ग के अनुसार अपने अफसरों को आवेदन लिखा जाता हैं-
1.महाविद्यालय प्राचार्य.
2.विश्वविद्यालय कुलपति, कुलसचिव, परीक्षा नियतंत्रक, परीक्षा विभाग, छात्रवृत्ति शाखा आदि.
3. महाविद्यालय शिक्षा निदेशक को
4.शिक्षा मंत्री को छात्र संगठन द्वारा पत्र लिखा जाता है. यह पत्र परीक्षाओं में देरी, परिणामों के जारी किए जाने में देरी, कॉलेज में किसी प्रकार के भष्ट्राचार होने की शिकायत को लेकर लिखा जाता है.

1. कक्षा एक से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए आवेदन पत्रों के प्रकार-

  • विषय चुने जाने के बाद उसे बदलने के लिए।
  • स्कूल समय सारणी में बदलाव के लिए।
  • शिक्षण सत्र के मध्य में नवीन प्रवेश के लिए।
  • अन्य स्कूल में प्रवेश के लिए टीसी या चरित्र प्रमाण पत्र।
  • स्कूल का पहचान पत्र गुम हो जाने पर दूसरा जारी किए जाने के लिए।
  • प्रवेश नियम में अधिकारिक तौर पर छूट के लिए।
  • कक्षा में गलती करने पर शिक्षक से क्षमा मांगने के लिए।
  • स्कूल लायब्रेरी से अतिरिक्त पुस्तकों को जारी किए जाने के लिए।
  • फीस जमा नहीं किए जाने पर परीक्षा में बैठने की अनुमति के लिए।
  • दिव्यांग या विकलांग होने पर परीक्षा लिखने के लिए अन्य छात्र की मदद के लिए।
  • मूल प्रमाण पत्र या रिजल्ट या अंकतालिका के खो जाने पर डुब्लीकेट जारी करवाने के लिए।
  • माईग्रेशन सर्टिफिकेट बनवाने के लिए।

2.शासकीय या असाशकीय कर्मचारियों के लिए आवेदन पत्र

किसी भी सरकारी व गैर सरकारी संस्था में कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए आवेदन का प्रारूप भिन्न होता है. शासकीय कार्यालयों में 70 प्रतिशत कार्य पत्र व्यवहार के माध्यम से होते है. शासकीय दफ्तरों में विभागीय अधिकारियों के पत्र उनके पद के अनुसार विभक्त होते है. जैसे-

  1. आवश्यक रूप से अवकाश स्वीकृति के लिए।
  2. अन्य स्थान पर स्थानांतरण के लिए।
  3. स्थायीकरण के लिए।
  4. राशि के भुगतान के लिए।
  5. आवास की सुविधा दिए जाने के लिए पत्र।
  6. वेतन वृद्धि के लिए।
  7. अनापत्ति-प्रमाण के लिए।
  8. क्षमा याचना के लिए।
  9. किसी असुविधा को दूर किए जाने के लिए।
  10. कोई सुविधा को प्राप्त करने के लिए।
  11. मुख्यालय छोडऩे की अनुमति के लिए।
  12. बच्चों के प्रवेश के लिए।

3.जनसाधारण के आवेदन-पत्र

जनसाधरण से अभिप्राय है कि, आमजन. अर्थात आम जनों को होने वाली असुविधा को दूर करने के लिए शासकीय विभागीय अधिकारी को लिखे जाने के लिए पत्र. उदाहरण के लिए बिजली, पानी, टेलीफोन, डाक, तार, खराब सड़क, राशन का वितरण आदि है. आमजन दैनिक जीवन से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए नगर पालिक, बिजली विभाग, टेलीफोन, एसडीएम कार्यालय में आवेदन देकर शिकायत कर सकते हैं.

आवेदन पत्र लिखने का तरीका | How to write application

  • पत्र प्रारुप में सबसे ऊपर दायीं ओर दिनांक लिखें. अंत में बार्यी ओर दिनांक सालों से लिखा जाता है.
  • शुरुआत में ही बार्यी ओर सेवा में लिखें, संबंधित अधिकारी का पद, कार्यालय अथवा विभाग का नाम और अपने शहर का नाम लिखें.
  • पत्र प्रारंभ में संबोधन पूर्वक सेवा में, प्रिय,महानुभाव, महोदय,मान्यवर, माननीय आदि शब्दों का उपयोग करें. उदाहरण के तौर पर प्राचार्य को लिखते समय सेवा में, शासकीय पत्र में मान्यवर\ महोदय लिख सकते है.
  • जिसके बाद संक्षिप्त विषय लिखें. विषय एक से दो लाइन का होना चाहिए.
  • यदि आपका पत्र बड़ा है, तो सभी बातों को क्रमश और प्रेराग्राफ के रुप में विवरण सहित लिखें.

पत्र के अंत में आभार सूचक शब्द का प्रयोग करें, जैसे-

  1. मैं सदा आपका आभारी रहूंगा.
  2. आजीवन कृतज्ञ रहूंगा या रहूंगी.
  3. अनुमति देकर कृतार्थ करें. या कृपा करें.
  4. कृपया आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित को आदेशित करें.
  5. कृपया कर मुझे निर्देशित करें.
  6. आशा है आप पत्र पर आवश्यक रुप से कार्रवाई करेंगे.
  7. आशा है आप इसका प्रतिउत्तर जल्द देंगे.

पत्र के समापन पर प्रार्थी, कृपाकांक्षी, भवदीय, भवनिष्ठ, आपका आज्ञाकारी, आपका विश्वासपात्र शब्दों का प्रयोग कर स्वयं के हस्ताक्षर करें. साथ ही अपने पद नाम, कक्षा का उल्लेख करें. स्कूली विद्यार्थियों को अपना रोल नंबर लिखना चाहिए. यदि आप नौकरी में है तो आपकों अपने पता का उल्लेख करना चाहिए.

प्रधानाध्यापक के पास एक आवेदन पत्र लिखे |  Write an application to the headmaster

दिनांक -00-00-xxxx

सेवा में,
श्रीमान प्राचार्य महोदय,
(….महाविद्यालय का नाम…)
(….शहर का नाम…)

विषय : देरी से पुस्तक जमा कराने पर आर्थिक दंड से मुक्ति के संदर्भ में।

महोदय,

सविन्य निवेदन है कि, पुस्तकालय की एक किताब को मेरे द्वारा तय समय सीमा से पांच दिन की देरी से जमा करवाया गया. जिसके चलते पुस्तकालय इंचार्ज द्वारा मुझ पर 15 रुपए प्रतिदिन के मान से दंड लागू किया गया है. अनुरोध है कि, विलंब से पुस्तक जमा करने पर दंड नियम के बारे में मुझे ज्ञात है, लेकिन मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति अधिक मजबूत नहीं है.

ऐसे में आर्थिक दंड नहीं भुगत सकता. पुस्तक देरी से जमा करने का वास्तविक कारण मेरा निर्धन मित्र है. मेरे द्वारा मानवता के नाते उसे पुस्तक पढऩे के लिए दी गई थी.

मैं आपसे प्रार्थना करता हूं, कि मेरी विषम परिस्थितियों को समझकर आप आर्थिक दंड से मुझे मुक्त करने की कृपा करें.

दंड से मुक्त किए जाने की महत्ती कृपा के लिए मैं सदैव आपका आभारी रहूंगा.

आपका अज्ञाकारी शिष्य
हस्ताक्षर
(….स्वयं का नाम…)
(….कक्षा का नाम…)
अनुक्रमांक

दिनांक

***********

शिक्षक हेतु आवेदन पत्र  ( Teacher Job application letter)

दिनांक -xx-xx-xxxx

सेवा में,

श्रीमान स्कूल प्रबंधक महोदय,

(…स्कूल का पूरा पता…)

इंदौर, (म.प्र)
विषय- (…शिक्षक पद का नाम….) के लिए आवेदन पत्र.

महोदय/महोदया,

मेरे अन्य शिक्षक साथियों व सूत्रों के माध्यम से मुझे ज्ञात हुआ है कि, आपके स्कूल में (….पद का नाम..) की आवश्यकता है. मैं इस पद के लिए आवेदन करना चाहता हूं. मेरी शैक्षणिक योग्यता और अनुभव का विवरण इस प्रकार है-

शैक्षणिक योग्यता

विक्रम विश्वविद्यालय से बी.कॉम.(2012)

विक्रम विश्वविद्यालय से एम.कॉम.(2014)

डिप्लोमा इन कम्युटर एप्लीकेशन

बी.कॉम. में प्रथम स्थान

(…..अन्य…..)

अनुभव

(….अपना अनुभव का उल्लेख करें…)

अत: मन्यवार से निवेदन करता हूं की मुझे (..पद का नाम..) पर नियुक्त करे. मैं आपको यह विश्वास दिलाता हूं, की पूरी ईमानदारी, निष्ठा से में आपको कार्य में संतुष्ट कर दूंगा.

धन्यवाद

भवदीय

दिनांक -xx-xx-xxxx

***************

विधायक को आवेदन पत्र कैसे लिखे | How to write application form to MLA

दिनांक

सेवा में,

श्रीमान विधायक महोदय,

(…पूरा पता…)

इंदौर, (म.प्र)
विषय- एक शहर से दूसरे शहर में जाने की अनुमति के संदर्भ में।

महोदय/महोदया,

कोरोना के चलते इन दिनों लॉकडाउन प्रभावी है. इंदौर शहर में कलेक्टर महोदय द्वारा सभी प्रकार के संस्थानों को बंद रखने के आदेश देते हुए कफ्र्यू का पालन करने के निर्देश दिए है. महोदय, मैं नागदा तहसील का निवासी हूं.

महोदय मैं इंदौर की एक निजी कंपनी का कर्मचारी हूं. किराए के कमरे में रहता हूं. लॉकडाउन के चलते इन दिनों घर पर हूं. नागदा में मेरे परिजन रहते है. कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मेरे परिजनों में भय का महौल व्याप्त है.

घर से दूर देख मेरी माता जी ने चिंता कर-करके तबीयत खराब कर ली है.
अत: मन्यवार से निवेदन करता हूं की मुझे मेरे शहर जाने में आवश्यक मदद करने की कृपा करें. अनुरोध है कि, एक शहर से दूसरे शहर में प्रवेश के लिए दिए जाने वाली आवश्यक अनुमति प्रदान करवाएं.

धन्यवाद
भवदीय

दिनांक

********************

स्थानांतरण हेतु आवेदन पत्र/ प्रार्थना पत्र (Application of transfer certificate)

दिनांक

सेवा में,

श्रीमान प्रधानाचार्य महोदय

(……स्कूल का नाम.)

(…शहर का नाम.)

विषय- स्थानांतरण प्रमाण पत्र (TC) के लिए आवेदन पत्र/ प्रार्थना पत्र

महोदय,

विनम्र निवेदन है की मेरे पिताजी पुलिस विभाग में एसआई के पद पर कार्यरत है. जिनका स्थानांतरण भोपाल में हो गया है, जिसके चलते मैं और मेरा परिवार आगामी दिनों में भोपाल जा रहा है. स्थानांतरित शहर के नए विद्यालय में मुझे प्रवेश लेना होगा. जिसके लिए मुझे स्थानांतरण पत्र की आवश्यकता होगी. अत: आपसे मैं अनुरोध है कि, मुझे जल्द से जल्द स्थानांतरण पत्र देने की कृपा करें.

धन्यवाद
आपका आज्ञाकारी शिष्य
अनुक्रमांक- 0000
दिनांक-00-00-0000

******************

ऑफिस से छुट्टी के लिए आवेदन पत्र | Application for leave from office

दिनांक-00-00-0000

सेवा में,

श्रीमान प्रबंधक महोदय,

(…पूरा पता…)

इंदौर, (म.प्र)

विषय : आवश्यक कार्य होने पर शहर से बाहर जाने के लिए छुट्टी के संदर्भ में।

विनम्र अनुरोध है कि, मेरे पैतृक गांव में आवश्यक कार्य है. जिसके चलते मुझे अपने गांव राजस्थान जाना होगा. जिसके लिए मुझे दो दिन (दिनांक 23 एवं 24 मार्च,2020) अवकाश देने की कृपा करें. अनुरोध है कि, छुट्टी से लौटने के बाद मेरे कार्यों को निरंतर पूरा किया जाएगा. मैं अपने सहयोगियों से फोन से संपर्क में रहकर ऑफिस के कार्यों के लिए मदद करूंगा.

धन्यवाद
दिनांक-00-00-0000

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