मानदेय नहीं मिलने से फूटा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का गुस्सा

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रेली निकालकर पहुंची एसडीएम कार्यालय, विभिन्न मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

नागदा. अतिरिक्त मानदेय नहीं मिलने से आक्रोशित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं का समूह. सोमवार दोपहर को सड़क पर उतर गया. उज्जैन संभागीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ के बैनर तले सीएम कमलनाथ के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार सलोनी पटावा को सौंपा.

इस दौरान सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विभिन्न मांगों को लेकर सीएम कमलनाथ के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार सलोनी पटवा को सौंपा. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बिरला मंदिर स्थित सर्किट हाउस से रैली निकाली. दूसरी ओर ज्ञापन वाचन के पूर्व कार्यकताओं ने चेतावनी दी है कि, यदि आठ दिवस के भीतर उनका अतिरिक्त मानदेय नहीं आता तो वह विधानसभा का घेराव करेंगे.

#क्या है परेशानी

दरअसल आंगनबाडिय़ों को अतिरिक्त मानदेय बीते चार माह से नहीं मिल सका है, ऐसे में कई कार्यकर्ताओं की आर्थिक स्थिति डगमगाने लगी है। मामले से आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने सोमवार को रैली निकालकर सीएम के नाम एक ज्ञापन सौंपा। साथ ही इस बात की चेतावनी भी दी यदि परेशानी का निराकरण जल्द नहीं हो सका, तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
इस मौके पर संघ उज्जैन संयोजक रामलाल पंड्या, सरोज सेन, सविता जीनवाल, लता शर्मा, मंजू गुर्जर, संगीता पंड्या समेत सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका मौजूद रही।

#कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने के लिए दबाव

ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर की है. इस दौरान कार्यकर्ताओं के समूह द्वारा बताया गया कि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित एनआरसी में कुपोषित बच्चों को अधिक से अधिक संख्या में भर्ती कराए जाने को लेकर उन पर दबाव बनाया जाता है. जिससे उनका कार्य प्रभावित होता है. इतना ही नहीं निवार्चन कार्यों में बीएलओ के साथ ड्यूटी लगाए जाने से आंगनबाड़ी में पढऩे वाली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है. जिसे भी बंद किए जाने की मांग की है.

#मांगों पर एक नजर

  • बीते चार माह से कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को अतिरिक्त मानदेय नहीं प्राप्त होना।
  • कांग्रेस के वचन पत्र के अनुसार शासकीय कर्मचारी घोषित नहीं किया जाना।
  • कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बांटे गए मोबाइल गुणवत्ता विहिन होना।
  • कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराए जाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाया जाना रोका जाए।
  • पीएम मातृ वंदना योजना के आवेदन महिला बाल विकास द्वारा संचालित नहीं करते हुए स्वास्थ्य विभाग को स्थानांतरित किया जाए।
  • केंद्रों द्वारा वितरण किया जाने वाला राशन देवास से खरीदा जाता है, जिसकी गुणवत्ता बहुत ही घट्यिा आ रही है। उसे अन्य दुकान से खरीदकर शहर में भिजवा जाए।
Anganwadi workers' anger erupted due to non-payment of honorarium
रैली निकालकर कर एसडीएम कार्यालय पहुंचती आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का समूह।

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